मरीन लाइफ: समुद्र की सतह पर धूप सेंकती रहस्यमयी मछली
समुद्र की अथाह गहराइयों में एक ऐसा जीव भी रहता है, जिसे देखकर पहली नजर में विश्वास ही नहीं होता कि यह मछली है। समुद्री सनफिश या मोला-मोला, दुनिया की सबसे भारी अस्थि-मछली मानी जाती है। इसका गोल, पार्श्व रूप से चपटा शरीर और विशाल पंख इसे समुद्री दुनिया का अनोखा आकर्षण बनाते हैं। वयस्क सनफिश का वजन 2,000 किलोग्राम से भी अधिक हो सकता है और इसकी लंबाई 10 फीट तक पहुंच सकती है।
इतनी विशाल काया के बावजूद इसका पसंदीदा भोजन है- जेलीफिश। जेलीफिश लगभग पूरी तरह पानी से बनी होती हैं और उनमें पोषक तत्व बेहद कम होते हैं। इसलिए सनफिश को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में जेलीफिश निगलनी पड़ती है। यही कारण है कि वे लगातार भोजन की तलाश में लंबी दूरी तय करती हैं। वैज्ञानिकों ने पाया है कि ये मछलियां हजारों किलोमीटर की समुद्री यात्रा कर सकती हैं और 600 मीटर से अधिक गहराई तक गोता लगा सकती हैं।
इनकी वृद्धि दर आश्चर्यजनक है। नवजात सनफिश का वजन एक ग्राम से भी कम होता है, लेकिन वयस्क होने पर यह अपने जन्म वजन से लगभग 6 करोड़ गुना बड़ी हो सकती है। यह आकार परिवर्तन जीव जगत में सबसे चौंकाने वाले विकासों में से एक है। हालांकि वयस्क सनफिश का आकार उन्हें अधिकांश शिकारियों से सुरक्षित रखता है, फिर भी मध्यम आकार की सनफिश समुद्री शेर, किलर व्हेल और बड़ी शार्क का शिकार बन जाती हैं। कैलिफ़ोर्निया के समुद्री शेरों द्वारा छोटी सनफिश के पंख काटकर उन्हें खेल की वस्तु की तरह उछालना समुद्री व्यवहार का एक विचित्र उदाहरण है।
प्रजनन के विषय में अभी भी कई रहस्य बने हुए हैं। मादा सनफिश एक बार में 3 से 30 करोड़ तक अंडे दे सकती है, जो किसी भी अन्य कशेरुकी जीव से अधिक है। नर उसी समय पानी में शुक्राणु छोड़ते हैं, जिससे निषेचन की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि वैज्ञानिक अब भी यह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि वे समूह में प्रजनन करती हैं या जोड़े में। समुद्री सनफिश न केवल आकार में विशाल है, बल्कि अपने रहस्यों और अद्भुत जीवन शैली के कारण समुद्री जगत की सबसे रोचक प्रजातियों में से एक है।
