जनगणना : आईएएस को 60, पीसीएस अफसरों को 45 हजार मानदेय
दो चरणों में करायी जाने वाली जनगणना के लिए अधिकारियाें, कर्मचारियों के लिए मानदेय राशि निर्धारित की गयी
बरेली, अमृत विचार। दो चरणों में जनगणना कराने वाले कमिश्नर, डीएम, नगर आयुक्त, एडीएम सहित अन्य अफसरों और कर्मचारियों का मानदेय निर्धारित कर दिया है। आईएएस स्तर के अधिकारियों को 60 हजार तो पीसीएस सहित अन्य अफसरों को 45 हजार और जनगणना लिपिक सहित अन्य कर्मचारियों को 30 हजार रुपये मानदेय निर्धारित किया है। जिला एवं चार्ज स्तर पर जनगणना अधिकारियों की सहायता के लिए तकनीकी सहायक और मल्टी टास्किंग स्टाफ की तैनाती होगी। जनगणना में आउटसोर्सिंग से भी कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। जनगणना कार्य कुल 18 माह चलेगा। इसमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी मौका दिया जाएगा।
डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर जिला मुख्यालय पर जनगणना के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कराने से पहले बैंक में खोता खोलने की प्रकिया शुरू हो गयी है। डीएम बरेली के नाम से खाता खोला जाएगा, उसी खाते से धनराशि व्यय की जाएगी। प्रमुख सचिव एसवीएस रंगा राव ने डीएम को जारी किए पत्र में बताया है कि प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों के लिए 25-25 हजार रुपये मानदेय राशि मिलेगी। इन्हें निर्देश दिए हैं कि आंकड़ों का संकलन करने और जनगणना में जुड़े दूसरे कार्यों के लिए स्वयं के मोबाइल डिवाइस का प्रयोग करेंगे, आवंटित किए गए मकान सूचीकरण ब्लॉक, गणना ब्लॉक में आने-जाने के लिए अलग से टीए-डीए देय नहीं है। मंडलायुक्त/मंडल जनगणना अधिकारी, जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी और नगर आयुक्त/अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी को मकान सूचीकरण का 25-25 हजार और जनसंख्या गणना का 35-35 हजार यानि 60-60 हजार रुपये मानदेय राशि मिलेगी। जिला स्तरीय आठ पदाधिकारियों में एडीएम एफआर/जिला जनगणना अधिकारी, अपर जिला गणना अधिकारी बनाए गए जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी और जिलाधिकारी स्तर से नामित किए गए तीन अधिकारी-कर्मचारी को मकान सूचीकरण के 20-20 हजार, मकानों की गणना के 25-25 हजार कुल 45-45 हजार रुपये की मानदेय राशि मिलेगी। उप खंड जनगणना अधिकारी, चार्ज जनगणना अधिकारी, अपर चार्ज जनगणना अधिकारी को भी 45 हजार रुपये, चार्ज कार्यालय में तैनात रहने वाले जनगणना लिपिक को 30 हजार रुपये का मानदेय मिलेगा।
जिला प्रशासन के लिए ये तकनीकी सहायता मिलेगी
सामान्य प्रशासन अनुभाग के प्रमुख सचिव एसवीएस रंगा राव ने जारी किए पत्र में बताया है कि जिला प्रशासन को तकनीकी सहायता मिलेगी। जनगणना अधिकारियों की सहायता के लिए जिला और चार्ज स्तर पर तकनीकी सहायक और कार्यालय में सहायता के लिए जिला स्तर पर मल्टी टास्किंग स्टाफ दिए जाएंगे। तकनीकी सहायकों और मल्टी टास्किंग स्टाफ को अधिकतम 18 महीनों की अवधि के लिए आउटसोर्स पर रखा जाएगा।
तकनीकी सहायक और एमटीएस को 25 हजार रुपये मानदेय मिलेगा
भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त ने अपने आदेश में व्यवस्था दी है। तकनीकी सहायक के लिए अधिकतम मासिक पारिश्रमिक 25 हजार रुपये प्रति माह और एमटीएस के लिए 18 हजार रुपये प्रति माह होगा। कोई अन्य वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी। नियुक्ति पूरी तरह से अल्पकालिक संविदा के आधार पर होगी। तकनीकी सहायक एवं एमटीएस को केवल आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से रखा जाएगा। सीधी भर्ती से नियुक्ति नहीं होगी।
