Bareilly : पत्नी की क्रूरता पर अदालत ने पति की तलाक अर्जी की मंजूर, 1 लाख जुर्माना
विधि संवाददाता, बरेली। वैवाहिक कर्तव्यों, दायित्वों का पालन न कर पति व ससुरालीजन का उत्पीड़न करने पर अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय-तृतीय ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने दिल्ली प्रीत विहार निवासी अंकुश जायसवाल की तलाक अर्जी मंजूर करते हुए उनकी रामपुर गार्डन निवासी शिक्षिका पत्नी रिंकू जायसवाल के बीच 23 अप्रैल 2012 को हुए विवाह को विच्छेदित कर 1 लाख रुपये एक माह के अंदर पति को दिए जाने का आदेश दिया है।
वादी अंकुश जायसवाल ने अदालत में पत्नी से तलाक दिलाए जाने की याचना करते हुए वर्ष 2021 में अर्जी दायर कर उल्लेखित किया था कि 23 अप्रैल 2012 को उनका रिंकू से दिल्ली में विवाह हुआ था। विवाह के बाद से ही जीवन उथल पुथल भरा ही रहा। पत्नी ने न तो कभी प्रेम व सम्मान दिया और न ही कभी उसकी परवाह की। पत्नी ने कभी स्वयं को उसके परिवार का सदस्य नहीं समझा, जबकि वह व उसके माता-पिता ने रिंकू को सम्मान दिया व उनकी समस्त सुख-सुविधाओं का ध्यान रखा। पत्नी झगड़ा करती व उसके वृद्ध माता पिता पर व्यंग्यात्मक टिप्पणियां करती रहती थी। पत्नी माता-पिता को वृद्धाश्रम भेजने का दबाव बनाती थी।
