UP: पूर्व मंत्री नकवी बोले-वंदेमातरम मजहबी गीत नहीं, मुल्क का राष्ट्रवादी गौरव
रामपुर, अमृत विचार। शनिवार को जिला पंचायत परिषद द्वारा मिलक के रठौंडा में महाशिवरात्रि पर्व पर आयोजित ऐतिहासिक किसान मेले का उद्घाटन हुआ। मुख्यातिथि पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने फीता काटकर मेले का पारंपरिक तरीके से उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि बंटवारे के बाद हिंदुस्तान के हिंदू बहुसंख्यकों ने पंथनिरपेक्षता का रास्ता चुना था। वहीं मुस्लिम बहुसंख्यक पाकिस्तान ने इस्लामी राष्ट्र का झंडा फहराया। बोले, वंदेमातरम मजहबी गीत नहीं, मुल्क का राष्ट्रवादी गौरव है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ख्याली राम लोधी ने मुख्तार अब्बास नकवी और राज्य मंत्री औलख का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। नकवी ने ऐतिहासिक मेले की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान की समावेशी, सर्वस्पर्शी सोच बहुसंख्यकों के संस्कार, संकल्प, संस्कृति का नतीजा है। स्वतंत्रता के महानायकों के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रवाद के जुनून-जज्बे से भरपूर वंदेमातरम से जिसके ईमान को खतरा हो, वह राष्ट्रवाद के प्रति ईमानदार नहीं हो सकता।
आजादी की लड़ाई के समय मुस्लिम लीग ने ''वन्देमातरम'' का विरोध कर विभाजन की विभीषिका का विष बोया था, जिसने भारत के टुकड़े किए थे। वंदेमातरम मजहबी गीत नहीं, मुल्क का राष्ट्रवादी गौरव है। जिससे किसी मजहब की आस्था को नुकसान नहीं हो सकता। सनातन का संस्कार ही पंथनिरपेक्षता का उपहार है, यदि भारत में बहुसंख्यक सनातन आस्था नहीं होती तो, धर्मनिरपेक्षता के ध्वज पर भी साम्प्रदायिकता का धावा बोल दिया जाता। वंदेमातरम के संस्कार ने भारत को संवैधानिक पंथनिरपेक्षता का सिकंदर व लोकतंत्र का धुरंधर बनाया है। जहां सत्ता बुलेट से नहीं बैटल से तय होती है।
कृषि राज्य मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह, मोहनलाल सैनी, अभय गुप्ता, राकेश मिश्रा, ज्वाला प्रसाद गंगवार, अर्चना गंगवार, कुलवंत औलख, टेक चंद्र गंगवार, जागेश्वर दयाल दीक्षित, मोहन सिंह राजपूत, रिजवान हुसैन, खलील अहमद, भागीरथ सिंह गंगवार, चंद्र प्रकाश शर्मा, रजनीश पटेल, मिथिलेश सिंह, महेंद्र लोधी, ओमप्रकाश लोधी, अजय बाबू गंगवार, सोनू लोधी, शुभांग गंगवार, शंकर लाल गंगवार आदि उपस्थित रहे।
एक कंट्री एक कानून मील का पत्थर साबित होगा
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आजादी का अमृत काल, समान नागरिक कानून पर संवैधानिक दिशा निर्देश को अंगीकार करने का अवसर है। समान नागरिक कानून, पूरे देश के लिए है, किसी मजहब के लिए नहीं। एक कंट्री एक कानून मुल्क और सभी मज़हबों के सरल, सुलभ, समावेशी व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कहा कि भारत में आजादी और संवैधानिक प्रतिबद्धता का अमृत काल चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विभिन्न संवैधानिक सुधारों के जरिए समावेशी सशक्तिकरण के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और आगे ही बढ़ता रहेगा।
