खामेनेई की मौत के बाद ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन? संभावित दावेदारों की लिस्ट और सत्ता संकट की पूरी कहानी
तेहरान : ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत ने देश में सत्ता का बड़ा संकट पैदा कर दिया है। 86 वर्षीय खामेनेई की हत्या अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों में हुई, जिसके बाद अब सवाल उठ रहा है कि ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन बनेगा? ईरान के संविधान के मुताबिक, कोई पूर्व-निर्धारित उत्तराधिकारी नहीं है, और यह फैसला विशेषज्ञों की सभा (Assembly of Experts) के 88 वरिष्ठ इस्लामी विद्वानों द्वारा लिया जाएगा। ये सदस्य गार्जियन काउंसिल द्वारा अनुमोदित होते हैं।
मौजूदा हालात में IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) और अन्य शक्तिशाली गुटों का दबाव भी निर्णायक हो सकता है। कई विश्लेषकों का मानना है कि तत्काल अंतरिम परिषद (President, Chief Justice और Guardian Council के सदस्य) सत्ता संभाल सकती है, जबकि स्थायी नेता चुनने में समय लग सकता है।
कौन बन सकता है अगला सुप्रीम लीडर?
यहां प्रमुख नाम हैं जो विभिन्न रिपोर्ट्स, थिंक टैंक्स (जैसे Council on Foreign Relations) और मीडिया में बार-बार चर्चा में आए हैं:
- हुज्जत-उल-इस्लाम मोहसेन कोमी (Hojjat-ol-Eslam Mohsen Qomi)
खामेनेई के सबसे करीबी सलाहकार और उनके कार्यालय में लंबे समय से काम करने वाले विश्वसनीय व्यक्ति। वे सिस्टम की निरंतरता बनाए रखने के लिए मजबूत दावेदार माने जाते हैं। कई रिपोर्ट्स में उन्हें "ट्रस्टेड इनसाइडर" कहा गया है।
- आयतुल्लाह मोहसेन अराकी (Ayatollah Mohsen Araki)
विशेषज्ञों की सभा के लंबे समय से सदस्य और मजबूत धार्मिक प्रभाव वाले। वे रूढ़िवादी हलकों में काफी प्रभावशाली हैं और संस्थागत अनुभव उन्हें आगे रखता है।
- आयतुल्लाह अलीरेजा अराफी (Ayatollah Alireza Arafi)
ईरान की मदरसा प्रणाली के प्रमुख, गार्जियन काउंसिल और विशेषज्ञों की सभा दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका। कई रिपोर्ट्स में उन्हें खामेनेई द्वारा पसंदीदा तीन नामों में से एक बताया गया है। उनकी नियुक्ति मौजूदा क्लेरिकल व्यवस्था की निरंतरता का संकेत देगी।
- आयतुल्लाह गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई (Ayatollah Gholam Hossein Mohseni Ejei)
वर्तमान न्यायपालिका प्रमुख और पूर्व खुफिया अधिकारी। सुरक्षा तंत्र और राजनीतिक अभिजात वर्ग से गहरे संबंध उन्हें मजबूत बनाते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में खामेनेई ने उन्हें संभावित उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया था।
- आयतुल्लाह हाशेम हुसैनी बुशेहरी (Ayatollah Hashem Hosseini Bushehri)
क़ुम के शुक्रवार की नमाज के इमाम और विशेषज्ञों की सभा के सदस्य। उनकी धार्मिक प्रतिष्ठा और लोकप्रियता उन्हें दावेदार बनाती है, हालांकि उनका नाम कम चर्चा में आता है।
- मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei)
खामेनेई के बेटे, जो IRGC से जुड़े हैं, लेकिन पैतृक उत्तराधिकार विवादास्पद है और कई इसे अस्वीकार करते हैं।
- हसन खुमैनी (Hassan Khomeini)
संस्थापक आयतुल्लाह खुमैनी के पोते, जो मध्यमार्गी माने जाते हैं।
- सादिक लारिजानी (Sadiq Larijani) या अली लारिजानी: राजनीतिक प्रभाव वाले, लेकिन क्लेरिकल भूमिका कम।
क्या होगा आगे?
विशेषज्ञों की सभा जल्द बैठक कर सकती है, लेकिन युद्ध और हमलों के बीच प्रक्रिया जटिल हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में IRGC द्वारा सामूहिक नेतृत्व या अंतरिम परिषद की संभावना जताई गई है। ईरान में यह पहली बार है जब सुप्रीम लीडर की मौत इतने संकटपूर्ण समय में हुई है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ सकती है। स्थिति तेजी से बदल रही है, और कोई भी अंतिम फैसला आने में समय लग सकता है।
