दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता, नरेन्द्र कश्यप ने दी बैठक में सख्त निर्देश

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : राज्य सरकार दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। यह बात पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने सोमवार को सचिवालय स्थित कार्यालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में कही।

मंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर नियमित समीक्षा कर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए।

बैठक में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय चित्रकूट में रिक्त शिक्षकीय पदों को शीघ्र भरने और निर्माणाधीन परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजना के तहत अब तक 11,98,725 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए हैं। कुष्ठावस्था पेंशन योजना से 13,395 लोगों को लाभ मिला है। कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के तहत 22,672 दिव्यांगजनों को 26,830 कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं।

इसके अलावा उप्र. राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगजनों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि शादी अनुदान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 232 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक 94,040 लाभार्थियों को 188.08 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कुल 25,98,344 छात्रों को 1,586.59 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 34,892 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन के लिए सक्षम बनाना है। शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में सरकार निरंतर प्रयास कर रही।

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