बाराबंकी में रसोई से लेकर व्यापारिक दिनचर्या चौपट: एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतार, आनलाइन बुकिंग पर सर्वर की दिक्कत
बाराबंकी, अमृत विचार। घरेलू गैस की किल्लत ने रसोई से लेकर सरकारी विभागों की दिनचर्या चौपट करके रख दी है। राेज की तरह एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतार जस की तस है और सर्वर की दिक्कत से बुकिंग गंभीर रूप से प्रभावित है। सरकारी स्कूलों में एमडीएम की कौन कहे विभागीय कैंटीनों का चाय नाश्ता तक अभाव से बच नहीं सका है। विकल्प तलाश रहे व्यापारी धीरे धीरे हाथ खड़े करते नजर आ रहे। हर तरफ मायूसी का माहौल है, फिर भी उम्मीद से भरी जनता संकट दूर होने की आस लगाए बैठी है।
शहर ही नहीं ग्रामीण इलाकों में सुचारु गैस वितरण कर रहीं एजेंसियों पर लाइन कम होने का नाम नहीं ले रही। एजेंसी संचालक कह रहे कि समस्या कम होने की जगह और बढ़ती जा रही। उस पर रोज की चिक चिक, भीड़, बहस और मारपीट की नौबत अलग से। आनलाइन बुकिंग पर सर्वर की दिक्कत ने ऐसा प्रहार किया है कि उपभोक्ता मारा मारा घूम रहा है, घर के काम काज छोड़कर लाइन लगाना उसकी आदत में शुमार हो गया है, सिलेंडर न मिलने पर खाली लौटने का मलाल अलग से। कहा जाए कि गैस संकट ने आम उपभोक्ता का गुस्सा बढ़ा दिया है तो गलत न होगा।
पटरी दुकानदार, बड़े छोेटे प्रतिष्ठानों के लिए अब और समय बिताना मुश्किल होता जा रहा। काम काज ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। गैस संकट ने सरकारी स्कूलों में रोज बनने वाले एमडीएम पर भी असर डाला है। यही नहीं सरकारी विभागों में चलने वाली कैंटीनों के चूल्हे भी ठीक से नहीं जल पा रहे। दिनोंदिन गहराते संकट से हर कोई परेशान हो गया है। इस बीच सरकार का घरेलू गैस का संकट स्वीकार कर लेने से हालात चिंताजनक हो चले हैं। व्यापार जारी रखने के लिए विकल्प न सिर्फ दुरुह बल्कि महंगे साबित हो रहे। इसी वजह से खान पान की चीजों के रेट भी बढ़ चले हैं।
आलू की माला, हाथ में सिलेंडर, आप का प्रदर्शन
शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने महंगाई के विरोध में पटेल तिराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने गले में आलू की माला पहनकर और हाथों में गैस सिलेंडर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां भी नजर आईं, जिन पर व्यंग्यात्मक नारे लिखे थे। प्रदर्शन का नेतृत्व आप जिलाध्यक्ष जुगराज सिंह ने किया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बढ़ती महंगाई केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का परिणाम है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। बताया कि हाल ही में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 120 रुपये की वृद्धि हुई है। इससे आम जनता और छोटे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, खासकर होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड से जुड़े कारोबारियों पर सीधा असर पड़ रहा है। इस दौरान पार्टी के अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
गैस उपलब्ध, नेटवर्क ने अटकाया रोड़ा
स्लो नेटवर्क की समस्या के चलते गैस सिलेंडर की बुकिंग प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह होते ही गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग जा रहीं। एजेंसी संचालकों का कहना है कि उनके यहां गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन धीमे नेटवर्क के कारण बुकिंग प्रक्रिया सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। इन दिनों रामनगर तहसील क्षेत्र के उपभोक्ता गैस सिलेंडर के लिए भटकने को मजबूर हैं। बुकिंग कराने के लिए लोगों को कई-कई बार ऑनलाइन प्रयास करना पड़ रहा है, तब कहीं जाकर एक सिलेंडर की बुकिंग हो पा रही है। कस्बा रामनगर स्थित सुनंदा गैस एजेंसी पर प्रतिदिन गैस सिलेंडर लेने वालों की भारी भीड़ देखी जा रही है। एजेंसी संचालक अवधेश शुक्ला ने बताया कि एजेंसी पर गैस सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, लेकिन नेटवर्क स्लो होने के कारण बुकिंग में दिक्कत आ रही है। उधर, एजेंसियों पर उमड़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोतवाल अनिल कुमार पांडे पुलिस बल के साथ समय-समय पर मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभालते नजर आ रहे हैं।
