लखनऊ में 30 धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प पूरा,  पर्यटन मंत्री बोले-आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश के पर्यटन विभाग ने वर्ष 2025-26 के दौरान शहर और आसपास के करीब 30 धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास व सौंदर्यीकरण कार्य पूरे कर लिए हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यूनेस्को की “क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी” के रूप में मिली पहचान ने शहर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत किया है।

परियोजनाओं के तहत गोमती तट के घाटों, मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और पर्यटक सुविधाओं को बेहतर किया गया है। प्रमुख रूप से गोपेश्वर मंदिर, बुद्धेश्वर मंदिर, मां चंद्रिका देवी परिसर, बड़ी काली जी मंदिर, छोहरिया माता मंदिर सहित कई स्थलों का व्यापक सौंदर्यीकरण किया गया है। 

रिसालदार पार्क स्थित बौद्ध विहार, लल्लू मल घाट, महाराजा बिजली पासी किला, आलमबाग कोठी, ऐशबाग रामलीला मैदान और विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के धार्मिक स्थलों का भी विकास किया गया है। एयरपोर्ट स्थित पर्यटन सूचना केंद्र का उच्चीकरण कर पर्यटकों के लिए जानकारी और सुविधाओं को और बेहतर बनाया गया है।

अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि इन परियोजनाओं से पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक स्वरूप मिला है। सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए शहर को एक संगठित पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।

 

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