Bareilly: लाल निशान पर रार, 22 को होगा फैसला, व्यापारियों से संयुक्त बैठक के बाद ही चलेगा बुलडोजर

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

बरेली, अमृत विचार। कोहाड़ापीर चौक से नैनीताल रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए 400 से अधिक भवनों पर लगाए गए ''लाल निशानों'' ने व्यापारियों की रातों की नींद उड़ा दी है। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए अब नगर निगम, बीडीए व व्यापारियों के बीच 22 अप्रैल को निर्णायक संयुक्त बैठक होगी। इसके बाद साफ होगा कि कौन सा निर्माण जायज है और कौन सा अवैध। फिर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू होगी।

दरअसल, सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे कार्य में विवाद की मुख्य जड़ नगर निगम का वह 100 साल पुराना नक्शा है, जिसे आधार बनाकर लाल निशान लगाए गए हैं। रुहेलखंड उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मेहरोत्रा, दिनेश चंद्र सक्सेना आदि व्यापारियों ने बीते दिनों इस संबंध में डीएम, बीडीए वीसी और नगर आयुक्त से शिकायत की थी। इसके अलावा वन मंत्री डा. अरुण कुमार से कैंप कार्यालय पर भेंट की थी। उनका कहना था कि 1920 में यह इलाका महज एक जंगल था। 

इस क्षेत्र का वास्तविक शहरी विकास 1985 के बाद हुआ है और उनके पास बीडीए से स्वीकृत वैध नक्शे मौजूद हैं। अगर सदी पुराने नक्शे को मानक माना गया, तो रामपुर बाग, राजेंद्र नगर और डेलापीर जैसे बरेली के सबसे पॉश इलाके भी अतिक्रमण की जद में आ जाएंगे, जिससे पूरे शहर में अफरातफरी मच जाएगी। बताते हैं कि कि 22 अप्रैल की बैठक में केवल चर्चा नहीं, बल्कि व्यापारियों के पास मौजूद स्वीकृत नक्शे का मिलान नगर निगम के दावों से किया जाएगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि प्रशासन का प्रयास है कि सड़क चौड़ीकरण की राह में आने वाली बाधाओं को सुलझाया जाए। इसलिए व्यापारियों की शंकाओं को दूर करने के लिए संयुक्त बैठक होगी। इसके बाद बुलडोजर एक्शन को लेकर फैसल लिया जाएगा।

संबंधित समाचार