VVIP मूवमेंट का नया मानक गढ़ रही रामनगरी: विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के साथ कई विदेशी मेहमान कर चुके रामलला का दर्शन
राजेंद्र कुमार पांडेय/ अयोध्या, अमृत विचार : राष्ट्रपति की तीसरी अयोध्या यात्रा से रामनगरी की गरिमा में एक और अध्याय जुड़ेगा। अयोध्या वीवीआईपी मूवमेंट का मानक गढ़ रही है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के साथ कई वीवीआईपी मेहमान अब तक अयोध्या पहुंच रामलला का दर्शन और सरयू के जल का आचमन कर चुके हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू 19 मार्च को अयोध्या पहुंच रही हैं। वह यहां श्रीराम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना में शामिल होंगी।
इसके साथ कई अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगी। वह लगभग तीन से चार घंटे अयोध्या में बिताएंगी। यह उनकी दूसरी यात्रा है। इसके पहले वह रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद एक मई 2024 को अयोध्या आई थी। उन्होंने रामलला का दर्शन-पूजन किया। मां सरयू की आरती में भाग लिया था।
इसके पहले राष्ट्रपति रहते रामनाथ कोविंद 29 अगस्त 2021 को विशेष ट्रेन से अयोध्या आकर दर्शन किया था। पूर्व राष्ट्रपति के रूप में कोविंद ने परिवार के साथ 17-18 मई 2024 को परिवार के साथ राम लला का दर्शन पूजन किया था। इसके साथ ही तत्कालीन उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी राम मंदिर में दर्शन करने आ चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक चार बार अयोध्या पहुंचे। पांच जनवरी 2020 को राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए, 30 दिसंबर 2023 को अयोध्या एयरपोर्ट के उद्घाटन, 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, पांच मई 2024 को रामलला के दर्शन के बाद रोड शो करने पहुंचे थे
रामलला के दरबार में भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे अपनी पत्नी के साथ पांच सितंबर 2025 को अयोध्या पहुंचे थे। 12 सितंबर 2025 को मारीशस के प्रधानमंत्री डाॅ. नवीन चंद्र राम गुलाम अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए तो उन्होंने यहां पहुंचकर राम लला का दर्शन पूजन किया। नेपाल की पूर्व उपप्रधानमंत्री सुजाता कोइराला पांच जून 2025 को अयोध्या पहुंची थी। उन्होंने यहां राम लला का दर्शन पूजन किया, अयोध्या भ्रमण किया। इसके साथ श्री लंका सहित अन्य देशों के भी राजनयिक यहां पहुंच आ चुके हैं।
विदेश राष्ट्राध्यक्षों और देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के कई दौरों के साथ ही देश के विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के लोगों ने यहां पहुंच रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। खासतौर से भाजपा शासित उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल अयोध्या पहुंच रहे हैं।
22 जनवरी 2024 के बाद अयोध्या में वीवीआईपी मूवमेंट का जो दौर शुरू किया। वह अब नए मानक गढ़ने की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रपति का प्रस्तावित दौरा उसे और प्रगाढ़ करेगा। प्राण प्रतिष्ठा के बाद दर्शन के लिए अयोध्या आने वाली की संख्या करोड़ों में हो गई तो वीवीआईपी और वीआईपी दर्शन के आंकड़े भी करोड़ की दहलीज की ओर बढ़ गए हैं। अब तक इनकी संख्या भी लाखों में हो गई है।
कभी आंदोलनों के शहर से अध्यात्म का संदेश
साल 80 के दशक से नई सदी के दूसरे दशक तक जिस अयोध्या को पूरी दुनिया में आंदोलनों के शहर के रूप में देखा जाने लगा था। उसमें बदलाव हो गया है। दुनिया भर के लोगों आकर्षण बढ़ गया। यह अब अपनी आध्यात्मिक आभा को बिखेरने लगी है। देश के अंदर से विदेश तक के लोगों में अयोध्या के प्रति आकर्षण है। आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। जो एक बार अयोध्या आ जाता है भले थोड़ी दुश्वारियां झेलनी पडे़ लेकिन वह बार-बार आने की बात कहता है।
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