कैलाश मानसरोवर यात्रियों को सीएम योगी ने दी 1-1 लाख की आर्थिक सहायता, कहा- तीर्थ यात्राएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि....

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं को 1-1 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की। इस दौरान उन्होंने आस्था, संस्कृति और विकास के समन्वय को रेखांकित करते हुए कहा कि तीर्थ यात्राएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर की कठिन यात्रा पूर्ण करना श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव होता है। उन्होंने इसे भारतीय सनातन परंपरा का जीवंत उदाहरण बताते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही तीर्थ यात्राएं सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करती रही हैं। 

उन्होंने कहा कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ जैसे आयोजनों में करोड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है और इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलती है। वर्ष 2025 में प्रदेश में लगभग 164 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इनमें से 66 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ में शामिल हुए।

योगी ने कहा कि काशी, अयोध्या और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या जहां एक चुनौती है, वहीं यह विकास और रोजगार के नए अवसर भी लेकर आ रही है। सरकार इन स्थलों पर आवागमन, ठहरने और मूलभूत सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017-18 में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण कराया गया, जहां से यात्रा की औपचारिकताएं पूरी होती हैं। 

साथ ही श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा और अन्य सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ उसकी मर्यादा और पवित्रता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। सरकार का उद्देश्य तीर्थ यात्राओं को सुरक्षित, सुगम और व्यापक बनाना है, ताकि 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' का संकल्प और मजबूत हो सके। योगी ने रामेश्वरम यात्रा को भी उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए और सुगम बनाने की दिशा में प्रयासों की जानकारी दी। 

उन्होंने कहा कि पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के माध्यम से इन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। महाकुंभ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा अफवाह फैलाने के प्रयासों के बावजूद श्रद्धालुओं ने आस्था को सर्वोपरि रखा और व्यवस्था की सराहना की।

उन्होंने कहा कि यह सच्ची श्रद्धा का उदाहरण है, जो हर बाधा को पार कर अपने लक्ष्य तक पहुंचती है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर 10 श्रद्धालुओं को प्रतीकात्मक रूप से एक-एक लाख रुपये के चेक भी वितरित किए। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।  

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