पेयजल समस्या दूर करने को 24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम, जिलाधिकारियों को निर्देश... तैनात करें नोडल अधिकारी
शासन ने खराब हैंडपंप की तुरंत मरम्मत के दिए निर्देश
लखनऊ, अमृत विचार: भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में पेयजल संकट उत्पन्न न होने पाए और हर गांव तक नियमित जलापूर्ति बनी रहे।
शासनादेश के जरिए जारी निर्देशों के अनुसार, सभी जिलों में पेयजल स्रोतों जैसे हैंडपंप, पाइप जल योजनाएं, जलाशय और नलकूप की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। जहां भी खराबी हो, उसे प्राथमिकता के आधार पर तत्काल ठीक कराया जाए। गांव स्तर पर पेयजल समस्या के समाधान के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित करने और नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए हैं। ये अधिकारी शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेकर समाधान सुनिश्चित करेंगे।
सार्वजनिक स्थलों जैसे अस्पताल, तहसील, थाने और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही टैंकरों के माध्यम से जरूरतमंद क्षेत्रों में पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने यह भी कहा है कि जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं को पूरी क्षमता से चलाया जाए और जहां आवश्यक हो, अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं। जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग के प्रति भी प्रेरित किया जाएगा। सरकार ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि गर्मी के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का जल संकट न उत्पन्न हो।
