KGMU : केजीएमयू में 7 वर्षीय बच्चे की रोबोटिक सर्जरी सफल, अंडकोश में था हर्निया

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने एक बार फिर अत्याधुनिक चिकित्सा का सफल प्रदर्शन करते हुए सात वर्षीय बच्चे की रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की है। बच्चे को लेफ्ट इंग्वाइनल हर्निया की शिकायत थी। कृष्णा नगर निवासी श्रेयांश यादव को लेफ्ट इंग्वाइनल हर्निया से शिकायत थी। 

परिजनों ने पहले कई अस्पतालों में परामर्श लिया, लेकिन वहां या तो अत्याधुनिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी या फिर ओपन सर्जरी के लिए अधिक खर्च बताया जा रहा था जिसके बाद परिजनों ने बच्चे को केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की ओपीडी में दिखाया, जहां जांच में बांयी ओर अंडकोश में हर्निया की पुष्टि हुई। 

डॉक्टरों ने मरीज के परिजनों को रोबोटिक सर्जरी का विकल्प सुझाया, जिसके लाभ जानने के बाद वे सहमत हो गए। मरीज को बीते 10 मार्च को भर्ती किया गया और 16 मार्च को विभाग प्रमुख प्रो. जे.डी. रावत के निर्देशन में बच्चे की सफलतापूर्वक रोबोटिक सर्जरी की गई। इस तकनीक के कारण बच्चे को बहुत कम दर्द हुआ और तेज रिकवरी के चलते वह अगले ही दिन चलने-फिरने लगा। 18 मार्च को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। 

सर्जरी में लगभग 60 हजार रुपये का खर्च आया, जो अन्य अस्पतालों की तुलना में काफी कम है। यह पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग द्वारा की गई दूसरी सफल रोबोटिक सर्जरी है। सर्जिकल टीम में प्रो. जे.डी. रावत, प्रो. आनंद पांडेय, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. मनीष राजपूत और डॉ. अमोल अग्रवाल शामिल थे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. विनीता सिंह और डॉ. नीलकमल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

वहीं नर्सिंग स्टाफ में रीता, संजय और आकाश बाबू शामिल रहे। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जे.डी. रावत ने बताया कि भविष्य में अन्य जटिल बीमारियों के इलाज के लिए भी रोबोटिक सर्जरी का विस्तार किया जाएगा, जिससे बच्चों को भी वयस्कों की तरह उन्नत उपचार और तेज रिकवरी का लाभ मिल सके। 

गौरतलब है कि लेफ्ट इंग्वाइनल हर्निया को आम भाषा में 'बाईं ओर की जांघ का हर्निया' या 'पेट की मांसपेशियों के कमजोर होने से होने वाली गांठ' कहा जाता है। इसमें आंत का एक छोटा हिस्सा बाईं कमर या जांघ के ऊपरी हिस्से में पेट की कमजोर दीवार से बाहर निकल आता है, जो लेटते ही अंदर चला जाता है और खड़े होने या जोर लगाने पर उभर आता है। 

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