राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मथुरा दौरा : गोवर्धन के दानघाटी मंदिर में की पूजा-अर्चना, जानिए क्‍या है इसकी मान्‍यता ?

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

मथुरा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के अपने तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन शनिवार को मथुरा के गोवर्धन स्थित दानघाटी मंदिर में पूजा-अर्चना की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। राष्ट्रपति ने गिरिराज जी महाराज की आरती में भाग लिया और गोवर्धन परिक्रमा भी की। उन्होंने मंदिर में गिरिराज जी का विधि-विधान से पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दानघाटी मंदिर के रिसीवर दीप चंद्र कौशिक ने बताया कि "गिरिराज धारण की जय" सहित अन्य मंत्रोच्चार के बीच राष्ट्रपति ने 11 किलो दूध, दही, शहद, घी और बूरा से महाभिषेक किया। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति को गिरिराज जी महाराज की चांदी की प्रतिमा, एक पटका और प्रसाद भेंट किया गया। आध्यात्मिक मान्यता के अनुसार, द्वापर युग की ब्रजभूमि से जुड़ी तीन प्रमुख धरोहरें-गिरिराज जी, ब्रजभूमि और यमुना महारानी-आज भी विशेष धार्मिक महत्व रखती हैं। राष्ट्रपति ने गोवर्धन पहुंचकर अभिषेक और परिक्रमा कर दानघाटी मंदिर के सेवायत जी.के. पुरोहित से आशीर्वाद प्राप्त किया। 

राष्ट्रपति मुर्मू का उत्तर प्रदेश दौरा बृहस्पतिवार, 19 मार्च को अयोध्या से शुरू हुआ था। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर दर्शन-पूजन किया और इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा-वृंदावन पहुंचीं। अपने दौरे के दौरान वह लगातार विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो रही हैं।  

दानघाटी मंदिर की मान्यता क्या है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यही वह स्थान है जहां भगवान कृष्ण ने गोपियों से माखन और दही का दान मांगा था। कहा जाता है कि भगवान कृष्ण की इस लीला के कारण ही इस स्थान का नाम दानघाटी पड़ा। यह कथा प्रेम, भक्ति और भगवान के सरल रूप को दर्शाती है, जहां वे अपने भक्तों के साथ सामान्य इंसान की तरह व्यवहार करते हैं।

संबंधित समाचार