अवैध खनन पर सख्ती से बढ़ा राजस्व संग्रह, सोनभद्र सबसे आगे...टॉप सूची में महोबा, हमीरपुर, झांसी-जालौन 

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में खनिज एवं उपखनिज खनन से राजस्व प्राप्ति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। फरवरी माह में प्रदेश के दस प्रमुख खनिज संपन्न जनपदों से लगभग 2543.42 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जिसमें सोनभद्र जनपद सबसे आगे रहा। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, सोनभद्र ने सर्वाधिक 678.28 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। 

इसके अलावा महोबा, हमीरपुर, झांसी और जालौन जैसे जनपद भी खनन आधारित आय में प्रमुख योगदानकर्ता रहे। विभाग के अनुसार, राजस्व वृद्धि के पीछे अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण, खनन गतिविधियों की सतत निगरानी और पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना प्रमुख कारण है। खनन पट्टों के आवंटन और संचालन में पारदर्शिता बढ़ने से भी राजस्व संग्रह में सुधार हुआ है।

अन्य प्रमुख जिलों में सहारनपुर, बांदा और प्रयागराज ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया, जबकि फतेहपुर और कौशांबी से भी राजस्व प्राप्त हुआ। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप खनिज संसाधनों के संतुलित और सतत उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार की नीति है कि खनन गतिविधियां आर्थिक विकास का माध्यम बनें, लेकिन पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे। इसी दृष्टिकोण के साथ विभाग तकनीक आधारित निगरानी और कड़े प्रवर्तन के जरिए व्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

टॉप खनन राजस्व वाले जिले

• सोनभद्र – ₹678.28 करोड़

• महोबा – ₹394.9 करोड़

• हमीरपुर – ₹389.61 करोड़

• जालौन – ₹225.62 करोड़

• झांसी – ₹215.83 करोड़

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