UP: प्रतिमा तोड़ने से शहीदों की आत्मा घायल, निगम अधिकारी सीधे तौर पर दोषी
शाहजहांपुर, अमृत विचार। नगर नगम परिसर में स्थापित काकोरी कांड के अमर शहीदों की प्रतिमाओं को बुल्डोजर से तोड़कर डंपिंग ग्राउंड में फेंके जाने के मामले में बुधवार को शहीद अशफाक उल्ला खां के प्रपौत्र के साथ प्रख्यात क्रांतिकारी साहित्यकार सुधीर विद्यार्थी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। इस घटना से पूरा जिला आहत और शर्मिंदा है। शहीदों के प्रति ऐसी अपमानजनक घटना का शहीदों की नगरी में होना बेहद शर्मनाक है। इस कृत्य से शहीदों की आत्मा घायल हुई है। इस घटना के लिए नगर निगम के अधिकारी सीधे तौर पर दोषी हैं। इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए।
बुधवार को शहर के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में बरेली से आए सुधीर विद्यार्थी ने नगर निगम परिसर में स्थापित शहीदे वतन ठाकुर रोशन सिंह, पं राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रेम किशन खन्ना की प्रतिमाओं पर बुल्डोजर चलाने की घटना पर भावुक होकर कहा कि यह मुद्दा पूरे देश-दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। कैलिफोर्निया, जर्मनी, कनाडा से इस घटना को लेकर विरोध प्रस्ताव आ रहे हैं। जालंधर से भी पंजाबी भाषा में निंदा प्रस्ताव आया है। जिले में शहीदों का जो अपमान हुआ है, उससे कैसे उबरा जाए। इसका क्या विकल्प हो सकता है। इस पर हम सब चर्चा और विचार विमर्श कर निर्णय लेंगे।
उन्होंने कहा कि शहीदों की इन प्रतिमाओं को बड़ी बेरहमी से अपमानजनक तरीके से तोड़ा गया। 19 दिसंबर 1927 को इन क्रांतिकारियों का फांसी दी गई थी। लेकिन शाहजहांपुर के हुक्मरानों को लगा कि अभी इनकी कुछ सांसें बाकी हैं। इसलिए 23 मार्च को शहीद दिवस पर इन शहीदों की प्रतिमाओं पर बुल्डोजर चलाकर उनको दोबारा मृत्युदण्ड देने का काम किया गया है। हमने कभी ऐसी कल्पना भी नहीं की थी। शहर के केंद्रीय स्थान पर शहीद स्मारक को ध्वस्त किया जाना जिले में काले अध्याय के रूप में लिखा जाएगा। इसकी भरपाई किसी तरीके से नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाली बड़ी-बड़ी हस्तियां यहां आकर इन क्रांतिकारियों को शीश नवाते और श्रद्धासुमन अर्पित कर स्वयं को धन्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा कृत्य हुआ और अधिकारियों को कुछ भी पता न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। एक अधिकारी न नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम ही नहीं है कि नगर निगम परिसर के शहीद स्मारक में तीन शहीदों और एक स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमाएं लगी थीं। उन्होंने सवाल किया कि नगर निगम के अधिकारियों का प्रतिमाओं पर बुल्डोजर चलने की जानकारी कैसे नहीं हुई। इस घटना की उच्च स्तरीय जांच होने के साथ-साथ हर दोषी को कड़ी सजा मिले।
नगर आयुक्त ने माना गलती हुई
सुधीर विद्यार्थी ने प्रेस वार्ता में बताया कि उनके पास नगर आयुक्त का फोन आया। जिसमें उन्होंने माना कि गलती हुई है। वह बार बार माफी मांग रहे थे। नगर आयुक्त कह रहे थे कि उनके कार्यकाल में ऐसी घटना हो गई। उनके ऊपर दाग लग गया। नगर आयुक्त ने उन्हें व्हाट्सएप मैसेज भेजकर भी क्षमा मांगी। जब मै उनका मैसेज पढ़ रहा था तब मेरी आंखों में आंसू भरे थे।
विश्वास में लेकर प्रतिमाओं को सम्मान पूर्वक शिफ्ट करना चाहिए था
शहीद अशफाक उल्ला खां के प्रपौत्र अशफाक उल्ला खां ने कहा कि शहीदों की प्रतिमाओं का अगर शिफ़ट किया जाना था, तो शहीदों के परिजनों, जनप्रतिनिधियों, पार्षदों को विश्वास में लेकर उनकी मौजूदगी में यह शिफ्टिंग होना चाहिए थी। रात के अंधेरे में बुल्डोजर से प्रतिमाओं का अपमानजनक तरीके से ध्वस्त किया जाना। अत्यंत दुखद और निंदनीय है। हम सब इस घटना का विोध करते हैं। इस घटना के लिए जो भी दोषी हो उसे कड़ी सजा दी जाए। पूर्व प्रत्याशी तनवीर सफदर ने कहा कि प्रतिमाओं पर चलने वाले बुल्डोजर और ट्राली को सीज किया जाए। ड्राइवर पर भी कार्रवरई की जाए। प्रेस वार्ता में विक्रम पांडेय, ओमकार सिंह, कुमुद गंगवार, सुनीता सिंह, उपासना सिंह, पवन सिंह, पार्षद तालिब खां आदि थे।
