बाराबंकी में टोल अनुबंध मामले में डीएम सख्त: स्टाम्प शुल्क में गड़बड़ी, 2.72 करोड़ की वसूली के आदेश
बाराबंकी, अमृत विचार। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने टोल अनुबंधों से जुड़े दो मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए 2.72 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के आदेश दिए हैं। पहले मामले में शिवचन्द्र त्रिपाठी द्वारा जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक शहावपुर टोल प्लाजा के संचालन के अनुबंध में भारी स्टाम्प शुल्क की कमी पाई गई। जांच में सामने आया कि करीब 29.43 करोड़ रुपये के अनुबंध पर मात्र 200 रुपये का ई-स्टाम्प लगाया गया, जबकि नियमानुसार 1.17 करोड़ रुपये से अधिक शुल्क देय था।
इस पर 1,17,73,920 रुपये की कमी और 11,77,000 रुपये जुर्माना लगाते हुए कुल 1,29,50,920 रुपये की वसूली के आदेश दिए गए। दूसरे मामले में ग्राम बारा, तहसील हैदरगढ़ स्थित टोल के संचालन से जुड़े फरवरी 2025 से फरवरी 2026 तक के अनुबंध में स्काईलार्क ई.ईजी. प्रा. लि. द्वारा भी करीब 64.68 करोड़ रुपये के अनुबंध पर केवल 200 रुपये का स्टाम्प शुल्क जमा किया गया, जबकि 1.29 करोड़ रुपये से अधिक शुल्क देय था।
इस पर 1,29,37,360 रुपये की कमी और 12,93,000 रुपये जुर्माना लगाते हुए कुल 1,42,30,360 रुपये की वसूली तय की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि दोनों ही अनुबंध ‘लीज (पट्टा)’ की श्रेणी में आते हैं, जिन पर निर्धारित दर से स्टाम्प शुल्क देना अनिवार्य है।
डीएम शशांक त्रिपाठी ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया गया, लेकिन उनके तर्क संतोषजनक नहीं पाए गए। सुनवाई के बाद पूरी धनराशि ब्याज सहित निर्धारित समय में राजकोष में जमा कराने के निर्देश दिये गए हैं। उन्होंने बताया कि स्टाम्प शुल्क की चोरी गंभीर अनियमितता है और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। साथ ही संबंधित विभागों को सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
