हरदोई परिवहन निगम में 2.10 लाख का गबन! 3 कैशियर निलंबित, ड्यूटी से हटाए गए 14 परिचालक
यूपी रोडवेज के हरदोई डिपो में निगम कोष में कम राशि जमा होने का मामला सामने आया। जांच के बाद तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया, 14 परिचालकों को डायल-ऑफ किया गया और चीफ कैशियर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई।
हरदोई। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के हरदोई डिपो में 2.10 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम कोष में निर्धारित राशि से कम धनराशि जमा होने के मामले में क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) गौरव वर्मा ने तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा 14 परिचालकों (कंडक्टरों) को डायल-ऑफ किया गया है, जबकि चीफ कैशियर के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है।
इंसेंटिव भुगतान के दौरान सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, जून के अंतिम सप्ताह में त्योहारों के दौरान मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) के संबंध में परिचालकों द्वारा वित्तीय लेनदेन की जानकारी लेने पर मामले का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि निगम की आय में से करीब 2.10 लाख रुपये सरकारी खाते में जमा नहीं किए गए थे।
प्रारंभिक जांच में कुछ परिचालकों पर 80 हजार, 50 हजार और 39 हजार रुपये तक कम जमा करने के आरोप सामने आए। इसके बाद विभाग ने विस्तृत जांच कराई, जिसमें कार्यालय से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के दायरे में पाई गई।
तीन कर्मचारी निलंबित, चीफ कैशियर पर कार्रवाई की संस्तुति
जांच के बाद असिस्टेंट कैशियर नवलेश कुमार, सुनील श्रीवास्तव और बुकिंग लिपिक शरद कुमार को 16 जुलाई को निलंबित कर दिया गया। वहीं, चीफ कैशियर हरीनाम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को सिफारिश भेजी गई है।
14 परिचालकों से मांगा गया स्पष्टीकरण
कार्रवाई के तहत 14 परिचालकों को ड्यूटी से हटाते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इनमें 7 महिला परिचालक भी शामिल हैं।
डायल-ऑफ किए गए परिचालकों में आशीष त्रिवेदी, इशिता सिंह, ओम प्रकाश, उमा देवी, मोनू गुप्ता, रोमी मिश्रा, अर्चना कुशवाहा, प्रतीक्षा देवी, पूनम देवी, अभिषेक बाजपेई, प्रिया गौतम, कौशल शुक्ला, बृजेश कुमार और अरविंद कुमार शामिल हैं।
आरएम बोले- पूरी राशि की वसूली हो चुकी
क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने बताया कि कम जमा की गई पूरी धनराशि की वसूली कर ली गई है। परिचालकों को दोबारा ड्यूटी पर लेने का निर्णय उनके स्पष्टीकरण के आधार पर किया जाएगा। वहीं, 80 हजार रुपये की अनियमितता से जुड़े एक परिचालक का हरदोई डिपो से दूसरे डिपो में स्थानांतरण किए जाने की तैयारी भी की जा रही है।
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