बरेली : छात्रा से रेप-धर्म परिवर्तन मामले में ट्यूटर को 20 साल की कैद, 35 हजार का जुर्माने
थाना भमौरा में पीड़िता के पिता ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
बरेली, अमृत विचार: नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाकर दुष्कर्म करने और धर्म परिवर्तन कराने के मामले में थाना भमौरा क्षेत्र निवासी स्कूल टीचर फईम खान को परीक्षण में दोषी पाते हुए स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कोर्ट-3 देवाशीष ने 20 वर्ष कारावास व 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधि्रवक्ता राजीव तिवारी ने बताया कि पीड़िता के पिता ने थाना भमौरा में शिकायत की थी था कि उनकी बेटी बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है और कोचिंग भी कर रही है। 5 फरवरी 2017 की सुबह 7 बजे ट्यूशन पढ़ने बरेली गयी थी, इससे पहले मेरे घर फईम खान का आना जाना था तो मुझे इस पर शक है कि रास्ते में जा रही लड़की को अगवा कर ले गया, खोजबीन करते हुए फईम के घर गया तो मुझे धमकी देते हुए भगा दिया।
पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि वर्ष फईम स्कूल में टीचर था। 5 फरवरी 2017 को वह ट्यूशन पढ़ने बरेली जा रही थी, सुबह 7 बजे नगला तिराहे पर पहुंची तो वहां उसे फईम खां, इस्लाम खां, इकबाल खां व छोटे खां कार से मिले, कार का ड्राइवर भी था, जबरन कार में बैठाकर उसे दिल्ली ले गये, वहां पर चारों ने मुझे किसी के घर में रखा। चारों ने मेरे साथ मेरी इच्छा के विरुद्ध जबरन दुष्कर्म किया।
दिल्ली से चारों लोग इलाहाबाद ले गये, वहां आठ दिन रखा, वहां पर भी चारों ने दुष्कर्म किया। मैंने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन नहीं किया, चारों ने मेरा धर्म परिवर्तन कराया और नाम नूर फात्मा रख दिया। अभियोजन ने 7 गवाह पेश किये। पुलिस ने बहला फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म, पाॅक्सो एक्ट में केवल फईम के विरुद्ध ही आरोप पत्र कोर्ट भेजा था। विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी के अनुसार, विवेचक ने तीन अन्य आरोपियों के नाम निकालकर केवल फईम के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट भेजी थी।
विचारण के दौरान वादी द्वारा अर्जी दिये जाने पर कोर्ट ने 11 नवम्बर 2021 को अभियुक्त इकबाल खान, छोटे खान व इस्लाम खान को बहला फुसलाकर ले जाने, गैंगरेप, पाॅक्सो अधिनियम व विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम में विचारण के लिए तलब किया था, जिसके विरुद्ध मुल्जिमों ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में फौजदारी निगरानी पेश की थी, हाईकोर्ट ने 22 फरवरी 2023 को सेशन कोर्ट के तलबी आदेश को स्थगित कर दिया था। इस वजह से इस मामले में केवल फईम के विरुद्ध ही ट्रायल पूरा कर पीड़िता को न्याय दिया गया है।
