EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने 7500 रुपये मासिक पेंशन की उठाई मांग, किया प्रदर्शन
लखनऊ, अमृत विचार: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) कार्यालय पर शुक्रवार को ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के नेतृत्व में पेंशनरों ने धरना-प्रदर्शन किया। पेंशनरों का कहना है कि संसद की स्थायी समितियां वर्ष 2013 से अब तक तीन बार न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की सिफारिश कर चुकी हैं, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उन्होंने बताया कि देश के करीब 81 लाख पेंशनरों को औसतन मात्र 1171 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद अपर्याप्त है। राष्ट्रीय सचिव राजीव भटनागर ने कहा कि समिति पिछले आठ वर्षों से न्यूनतम पेंशन 7500 रुपये प्रतिमाह, महंगाई भत्ता और पति-पत्नी के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा की मांग कर रही है। इसी मुद्दे को लेकर 9 से 11 मार्च तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया गया था, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। धरने के दौरान पेंशनरों ने क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अश्विनी कुमार गुप्ता को श्रम मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
