भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट! खुलते ही सेंसेक्स 1000+ अंक टूटा, निफ्टी भी लाल निशान पर
नई दिल्लीः आज 30 मार्च 2026, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत जोरदार गिरावट के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स 1018 अंकों की भारी गिरावट के साथ 72,565 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 269 अंकों से नीचे 22,549 पर शुरू हुआ। यह गिरावट मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली का नतीजा है।
गिरावट के प्रमुख कारण
- मिडिल ईस्ट तनाव का पांचवां हफ्ता: ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद क्षेत्रीय अस्थिरता चरम पर है। इससे वैश्विक निवेशक जोखिम से बच रहे हैं और सुरक्षित संपत्तियों की ओर भाग रहे हैं।
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: ब्रेंट क्रूड लगभग 115.55 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव से 2.7% ऊपर है। फरवरी के अंत (72.48 डॉलर) से अब तक इसमें करीब 59% की तेजी आ चुकी है। भारत जैसे तेल-आयातक देशों के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति बढ़ा सकती हैं और आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकती हैं।
- विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली: मार्च में FII ने अब तक 1,13,810 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जो रिकॉर्ड स्तर के करीब है। कुल मिलाकर मार्च में FII आउटफ्लो 1.14 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है।
- रुपए का कमजोर होना: डॉलर के मुकाबले रुपया 94.82 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे विदेशी निवेशकों का सेंटिमेंट और बिगड़ा है।
एशियाई बाजारों की स्थिति
एशियाई बाजार भी आज भारी दबाव में हैं:
- जापान का निक्केई करीब 3.97% गिरा।
- टॉपिक्स में लगभग 3.9% की गिरावट।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5% से ज्यादा टूटा, जबकि कोस्डैक करीब 3.97% नीचे रहा।
- हांगकांग का हैंग सेंग फ्यूचर्स पिछले बंद (24,951.88) से नीचे 24,630 के आसपास कारोबार कर रहा है।
ये गिरावट मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट तनाव और ऊंची तेल कीमतों से उपजी वैश्विक अनिश्चितता को दर्शाती है।
अमेरिकी शेयर बाजार (शुक्रवार का बंद)
अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में लाल रहे:
- डाऊ जोन्स: 793.47 अंक (1.73%) गिरकर 45,166.64 पर बंद।
- S&P 500: 1.67% नीचे 6,368.85 (सात महीने का निचला स्तर) पर सेटल।
- नैस्डेक: 2.15% गिरकर 20,948.36 पर बंद।
ये आंकड़े वैश्विक रिस्क-ऑफ मूड को साफ दिखाते हैं।
कच्चा तेल की स्थिति
सोमवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में ब्रेंट वायदा 2.7% ऊपर 115.55 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था। COMEX पर अमेरिकी क्रूड भी 2.96% बढ़कर 102.59 डॉलर पर पहुंच गया। इस महीने ब्रेंट में रिकॉर्ड उछाल देखा जा रहा है, जो संघर्ष की वजह से सप्लाई डिसरप्शन से जुड़ा है।
निवेशकों के लिए सलाह: बाजार में हाई वोलेटिलिटी बनी हुई है। तेल की कीमतें, रुपए की गति और FII फ्लो पर नजर रखें। कोई भी ट्रेड लेने से पहले टेक्निकल लेवल और ग्लोबल क्यूज चेक करें। स्थिति में सुधार के संकेत मिलने तक सतर्क रहना जरूरी है।
