पदक विजेता खिलाड़ियों को सीएम योगी सौंपा नियुक्ति पत्र, कहा- खेल से बनती है अनुशासन और जीत की राह...
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेल पुरस्कार व नियुक्तिपत्र वितरण कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाशक्ति केवल ऊर्जा का प्रतीक नहीं, बल्कि अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बीते नौ वर्षों से युवाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश सिर्फ जनसंख्या का आंकड़ा नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी युवाशक्ति का केंद्र है। प्रदेश में करीब 56 फीसदी युवा हैं, जो इसकी सबसे बड़ी ताकत और कार्यशील वर्ग हैं। यही युवाशक्ति जब पूरी मेहनत और समर्पण के साथ काम करती है, तो प्रदेश कृषि विकास दर को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने की क्षमता रखती है।
उन्होंने कहा कि जब युवाओं को सही अवसर मिलता है, तो वही उत्तर प्रदेश, जिसे कभी 'बीमारू राज्य' कहा जाता था, आज देश की अर्थव्यवस्था में 'ब्रेकथ्रू' बनकर उभरा है और रेवेन्यू सरप्लस राज्य के रूप में स्थापित होकर भारत के ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहा है। खेलों के क्षेत्र में भी यही युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतकर गौरव बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने गांवों में विकसित हो रहे खेल मैदानों का जिक्र करते हुए कहा कि ये मैदान केवल खिलाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी हैं। यहां लोग मॉर्निंग वॉक, खेलकूद और मनोरंजन के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपना सकते हैं।
साथ ही, इन गतिविधियों से युवाओं में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का विकास होता है, जो राष्ट्र निर्माण में सहायक है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, "जितना पसीना बहेगा, उतना ही जीत आपके करीब आएगी। खेल हमें गिरना, उठना और फिर जीतना सिखाता है। जो गिरने से डरता है, वह कभी उठ नहीं पाता और जो उठने में लापरवाही करता है, वह जीत के करीब नहीं पहुंच सकता। लक्ष्य को प्राप्त करना ही खेल का मूल मंत्र है।
