कानपुर : उद्यमी बैठक में नहीं पहुंचे प्रभारी मंत्री, एडीएम सिटी ने सुनीं समस्याएं

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Published By Deepak Mishra
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कोरोना काल की तरह व्यापारियों को बंद करनी पड़ रही फैक्ट्री, उद्यमियों की समस्या के निराकरण के लिए नोडल की मांग

कानपुर, अमृत विचार। कानपुर के उद्यमियों को गैस की किल्लत को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों को डर है कि कोरोना काल के समय की ही तरह उद्यम बंद ना करना पड़ जाए। गैस की किल्लत दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। उद्यमियों ने कहा कि बर्ताव ऐसा हो रहा है कि उद्यमी को आतंकी की नजर से देखा जा रहा है। मंगलवार को सरसैया घाट रोड स्थित नवीन सभागार में उद्यमियों ने बैठक की।

बैठक की अध्यक्षता उच्च शिक्षा विभाग व कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को करनी थी। वे बैठक में नहीं पहुंचे। जिसके बाद एडीएम सिटी राजेश कुमार ने उद्यमियों की समस्याएं सुनीं। इजरायल-अमरिका और इरान युद्ध से उपजे गैस संकट को लेकर  व्यापारियों ने एक अलग बैठक की मांग उठाई। जिसमें नगर आयुक्त, सीयूजीएल, डीएसओ व एडीएम आपूर्ति को भी शामिल करने का मुद्दा उठाया। 

मेटल इंडस्ट्री ज्यादा प्रभावित

फीटा उद्योग संघ के महासचिव उमंग अग्रवाल ने कहा कि मेटल इंडस्ट्री सबसे ज्यादा मार गैस किल्लत की झेल रहे हैं। मेटल इंडस्ट्री से ही सभी उद्योग जुड़े हुए हैं। कहा कि किसी मशीन में खराबी आने पर मेटल का ही पार्ट लग कर सही होता है। मेटल इंडस्ट्री के उद्यमी ध्रुव ने बताया कि औसतन 118 जंबो सिलेंडर की जरूरत होती है। हाल ही में उद्यमी फर्नीश ऑयल से एलपीजी पर निर्भर हुए हैं। 

छोटे व मझोले उद्योगों के लिए हो विशेष व्यवस्था

बैठक में व्यापारियों ने एमएसएमई के लिए विशेष व्यवस्था की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना काल में उद्यमियों की समस्या के निराकरण के लिए उद्योग विभाग के महाप्रबंधक को नोडल बनाया गया था उसी व्यवस्था को बहाल करने की मांग बैठक में हुई। उद्योगों को बचाने के लिए उनकी मांग के हिसाब से आपूर्ति कराने की मांग की। 

घरों के पीएनजी कनेक्शन चालू हों

गैस की समस्या को कम करने के लिए पीएनजी कनेक्शन का मुद्दा रखा। उद्यमियों का कहना था कि शहर में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां सीयूजीएल ने पाइपलाइन बिछा दी है लेकिन आपूर्ति चालू नहीं की गई है। उन घरों के हजारों लोग भी सिलेंडर के लिए परेशान हैं। पीआईए के आदर्श अग्रवाल ने कहा कि अगर इन घरों के कनेक्शन चालू कर दिए गए तो हजारों कनेक्शन का लोड कम होगा जिसका लाभ छोटे व लघु उद्योग को मिलेगा।

कोरोना काल की तरह ही युद्ध को लेकर समस्याएं बढ़ रही हैं। इसे लेकर नोडल अधिकारी नियुक्त होना चाहिए जिससे समस्या का निराकरण हो सके.. उमंग अग्रवाल, व्यापारी।

गैस की किल्लत होने पर व्यापारी अपना काम कर रहे हैं। आर्डर को पूरा कर माल की डिलीवरी कर रहे हैं। जीएसटी विभाग मनमाने ढंग से गाड़ी पकड़ रहा है... कपिल सब्बरवाल, व्यापारी।

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