मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकार का बड़ा फैसला : पेट्रोकेमिकल उत्पादों से हटाई कस्टम ड्यूटी, जानें किसे मिलेगा फायदा

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Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित करने और अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर सीमा शुल्क से छूट दे दी है।

यह छूट 30 जून तक लागू रहेगी और इससे प्लास्टिक, पैकेजिंग, वस्त्र, दवा, रसायन, मोटर वाहन घटक तथा अन्य विनिर्माण क्षेत्रों जैसे पेट्रोरसायन 'फीडस्टॉक' और 'इंटरमीडिएट' पर निर्भर उद्योगों को लाभ मिलेगा। वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में उत्पन्न व्यवधान को देखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों पर पूर्ण सीमा शुल्क छूट देने का फैसला किया है।

मंत्रालय ने कहा कि यह कदम एक अस्थायी एवं लक्षित राहत उपाय के रूप में उठाया गया है, ताकि घरेलू उद्योग के लिए आवश्यक पेट्रोरसायन आपूर्ति की उपलब्धता बनी रहे, 'डाउनस्ट्रीम' क्षेत्रों पर लागत का दबाव कम हो और देश में आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। इससे अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टॉलुइन, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमिथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉली ब्यूटाडाइन, स्टाइरीन ब्यूटाडाइन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन को सीमा शुल्क छूट दी गई है।

पश्चिम एशिया युद्ध के कारण शिपिंग मार्गों में व्यवधान से उर्वरक, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत उर्वरक एवं पेट्रोलियम का बड़ा आयातक है। अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले शुरू करने और तेहरान की व्यापक जवाबी कार्रवाई के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सरकार ने पिछले सप्ताह वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर घटा दिया था। साथ ही डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) यानी विमान ईंधन पर 29.50 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया है। फिलहाल पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क तीन रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य है।

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