जेवर विस्तार को लेकर प्रशासन की बड़ी तैयारी: भूमि अर्जन प्रभावित किसानों के लिए 14 गांवों में विशेष कैंप, DM  ने जारी किए निर्देश 

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Published By Anjali Singh
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गौतमबुद्धनगर। नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, विस्तारीकरण (स्टेज-दो/फेज-दो और फेज-तीन) से प्रभावित किसानों को प्रतिकर (मुआवजा) वितरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्धनगर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ग्रेटर नोएडा कलेक्ट्रेट सभागार में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और तेजी के साथ पूरी की जाए। 

बुधवार को की गई बैठक संबंधित जानकारी साझा करते हुए जिलाधिकारी द्वारा बताया गया,इस परियोजना के तहत जेवर तहसील के चौदह गांवों की कुल एक हजार आठ सौ अड़तीस दशमलव चार एक सात छह हेक्टेयर अर्जित/अधिनिर्णीत भूमि के लिए प्रतिकर वितरण किया जाना है। किसानों को सुविधा देने और प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए तीन अप्रैल 2026 से हर प्रभावित गांव में विशेष कैंप लगाने का निर्णय लिया है। 

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में चिह्नित स्थानों पर रोजाना कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां प्रभावित किसान अपने प्रतिकर से जुड़े प्रपत्र भर सकेंगे। इन कैंपों में ही प्रतिकर पत्रावली तैयार की जाएगी और जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराई जाएंगी। इसके लिए हर गांव में राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और अमीन की टीम तैनात की गई है। तहसीलदार जेवर को इन सभी कैंपों का प्रभारी बनाया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित नायब तहसीलदार के साथ रोज गांवों का निरीक्षण करेंगे और तैयार की गई फाइलों की जांच कर हस्ताक्षर करेंगे। 

इसके बाद सभी पत्रावलियां प्रतिदिन अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) कार्यालय को भेजी जाएंगी, ताकि आगे की प्रक्रिया में देरी न हो। प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए विभिन्न गांवों में स्कूलों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों को कैंप स्थल के रूप में चिन्हित किया है। इनमें थोरा, बंकापुर, नीमका शाहजहांपुर, अहमदपुर चौरोली, ख्वाजपुर, रामनेर, किशोरपुर, बनवारीबांस, पारोही, रोही, मुकीमपुर शिवारा, जेवर बांगर, साबोता मुस्तफाबाद और दयानतपुर शामिल हैं। 

जिलाधिकारी ने सभी प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे 3 अप्रैल से अपने-अपने गांव में लगने वाले कैंपों में अनिवार्य रूप से पहुंचें और अपनी भूमि के प्रतिकर से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कराएं। उन्होंने कहा कि इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य मुआवजा वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, तेज और किसान हित में बनाना है। बैठक में अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) बच्चू सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 

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