श्रम संगठनों ने सिर्फ 'सत्यानाश' ही किया.. मुख्यमंत्री योगी बोले- सकारात्मक नहीं रही ट्रेड यूनियन की प्रवृत्ति

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रम संगठनों की कड़ी आलोचना करते हुए सोमवार को कहा कि इन संस्थाओं का रवैया कभी सकारात्मक नहीं रहा और उन्होंने सिर्फ 'सत्यानाश' ही किया है। आदित्यनाथ ने एक प्रमुख हिंदी दैनिक द्वारा आयोजित कार्यक्रम में श्रम संगठनों को जमकर खरी—खोटी सुनायी। उन्होंने कहा, ''अलग-अलग क्षेत्र का व्यक्ति, अलग-अलग क्षेत्र में कार्य करता है, लेकिन कभी-कभी उसके स्वर ट्रेड यूनियन जैसे हो जाते हैं।'' 

उन्होंने कहा, ''ट्रेड यूनियन की प्रवृत्ति कभी सकारात्मक नहीं रही। इसने सत्यानाश ही किया है। ये चंदा वसूली और 'अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम' की तर्ज पर पूरी व्यवस्था को खोखला बनाने का काम करती हैं।'' मुख्यमंत्री ने कहा, ''ट्रेड यूनियन के नेता कोई काम नहीं करते, कंधे पर झोला लटकाए घूम-घूम कर डिस्टरबेंस फैलाते हैं। चंदा वसूली से अपना घर भरते हैं और श्रमिकों को भुखमरी के कगार पर लाकर खड़ा कर देते हैं।'' आदित्यनाथ ने कहा कि कानपुर इसका स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि श्रम संगठनों के नेता सांसद व मंत्री बन गए लेकिन श्रमिक भुखमरी के कगार पर पहुंच गया। 

पिछली सरकारों की सोच 'कट्टा' और बम तक ही सीमित थी : आदित्यनाथ 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज करते हुए सोमवार को कहा कि पहले राज्य में बम और 'कट्टा' बनाए जाते थे लेकिन अब इस सूबे में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। योगी ने कहा कि पिछली सरकारों की सोच बम और 'कट्टा' (देसी पिस्टल) तक ही सीमित थी।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ में एक प्रमुख हिंदी दैनिक समाचार पत्र द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, "पिछली सरकारों के समय उत्तर प्रदेश में आखिर होता क्या था? उनका उत्पादन क्या था? वह 'कट्टा' और बम थे, जिनका निर्माण यहां होता था, है ना? आज, हमने उन कट्टा और बमों के उत्पादन पर रोक लगा दी है। अब यहां ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण हो रहा है।"

उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश में रक्षा क्षेत्र में राष्ट्र की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए ब्रह्मोस मिसाइलों का उत्पादन किया जा रहा है। कई तरह के ड्रोन, चाहे वे खेतों में रसायन और उर्वरक छिड़कने के लिए इस्तेमाल होने वाले 'ड्रोन दीदी' के ड्रोन हों, या किसी दुश्मन या पाकिस्तान के हवाई अड्डों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए ड्रोन हों, सभी का निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है।"

आदित्यनाथ ने दावा किया, "चूंकि पिछली सरकारों की सोच 'कट्टा' और बम तक ही सीमित थी इसीलिए वे बम फेंकने में ही लगे रहते थे। हर एक क्षेत्र में गिरावट की स्थिति बनी हुई थी।" उन्होंने अपनी सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा, "आज हालात अलग हैं। रक्षा उत्पादन गलियारे ने उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान दी है, और अब यह राज्य रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता में योगदान देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

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