केरल के छात्र ने राजस्थान में अपने दोस्तों को 'गेस पेपर' भेजा: एसओजी
जयपुर। राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) के अनुसार नीट-यूजी 2026 मेडिकल परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मिलते सवाल वाला 'गेस पेपर' मूल रूप से केरल के एक छात्र से यहां सीकर के छात्र को मिला था। एसओजी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे इस छात्र ने यह पेपर अपने दोस्तों और एक हॉस्टल मालिक के साथ साझा किया था।
एसओजी के महानिरीक्षक अजय पाल लांबा ने बताया कि उक्त छात्र को यह सामग्री सबसे पहले अपने एक दोस्त से मिली जिसे उसने इसे सीकर में दूसरों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि इसके बाद यह दस्तावेज कोचिंग कर रहे कई छात्रों तक पहुंचा और फिर तीन मई को परीक्षा से पहले जयपुर और आस-पास के इलाकों के अभ्यर्थियों तक भी पहुंच गया। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि केरल वाले छात्र ने यह 'गेस पेपर' सीकर के एक हॉस्टल मालिक और अपने कुछ दोस्तों को भेजा। उन्होंने बताया कि हॉस्टल मालिक ने हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के साथ यह 'गेस पेपर' साझा करते हुए कहा था कि यह उनके काम आ सकता है। उन्होंने बताया कि हालांकि, बाद में खुद हॉस्टल मालिक ने ही स्थानीय पुलिस को इस 'गेस पेपर' के बारे में सूचना दी। अधिकारी ने बताया कि उसने बताया था कि बड़ी संख्या में छात्रों को एक 'क्वेश्चन बैंक' (प्रश्न संग्रह) बांटा गया है। अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान पहुंचने से पहले यह सामग्री कथित तौर पर हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक व्यक्ति के जरिए भेजी गई थी। नीट पेपर लीक की अफवाहों से जुड़ी जानकारियों पर कार्रवाई करते हुए सीकर, झुंझुनू, अलवर, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण और एसओजी की संयुक्त पुलिस दलों ने 150 से अधिक अभ्यर्थियों, उनके दोस्तों और माता-पिता से पूछताछ की।
अधिकारी ने बताया, "जांच में पता चला कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही यह पेपर कथित तौर पर राजस्थान में कुछ लोगों तक पहुंच गया था।" लांबा ने बताया कि जांच के निष्कर्ष् को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के साथ साझा किया गया, जिसके बाद केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा रद्द करने का फैसला किया। बाद में इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई। जांच का जिम्मा संभालने के लिए सीबीआई की टीम मंगलवार देर शाम एसओजी के दफ़्तर पहुंची। अधिकारियों के अनुसार एसओजी की जांच के दौरान जुटाए गए बयान और सबूत सीबीआई टीम के साथ साझा कर दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार कई लोगों पर संगठित नेटवर्क के रूप में काम करने का शक है और उनसे पूछताछ जारी है।? अधिकारियों ने बताया कि दो दर्जन से अधिक संदिग्धों को सीबीआई को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों पर निर्भर करेगी। पुलिस ने बताया कि जिन लोगों से पूछताछ की गई उनमें से अधिकतर या तो नीट के अभ्यर्थी है या इस परीक्षा में बैठने वाले छात्रों से सीधे तौर पर जुड़े हैं।
जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि एक दूसरे को भेजी गई 'पीडीएफ' फाइल में रसायन विज्ञान के लगभग 45 और जीव विज्ञान के 90 सवाल थे, जिनके प्रश्न कथित तौर पर असली परीक्षा के पेपर से मेल खाते थे। अधिकारियों के अनुसार एक सोशल मीडिया 'ग्रुप' भी सामने आया है, जिसमें 'पासवर्ड से सुरक्षित' पीडीएफ फाइल वितरित की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि अब तक की जांच में कोचिंग संस्थानों की कोई सीधी भूमिका सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के बाद सीकर में एक हॉस्टल मालिक ने उद्योग नगर पुलिस थाने और एनटीए में शिकायत दर्ज कराई जिसमें आरोप लगाया गया कि बड़ी संख्या में छात्रों के बीच एक "क्वेश्चन बैंक" बांटा गया था। सूत्रों के अनुसार, जब एसओजी को 'गेस पेपर' के बारे में जानकारी मिली तो अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल और महानिरीक्षक लांबा समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने आठ मई की रात को कार्यालय में बैठक कर असली प्रश्न पत्र से उसका मिलान किया।
सूत्रों ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि असली परीक्षा के प्रश्न पत्र के कई सवाल कथित 'गेस पेपर' से मेल खाते हैं तो एसओजी तुरंत हरकत में आई और उसी रात सीकर थाना पुलिस की मदद से कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया गया। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान उन्होंने उन दूसरे लोगों के बारे में बताया जिन्हें 'गेस पेपर' भेजा गया था। सूत्रों ने बताया कि बाद में एक दुकानदार को हिरासत में लिया गया, जहां से कुछ अभ्यर्थियों ने 'गेस पेपर' के प्रिंट लिए थे। सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा बढ़ाया गया और विद्यार्थियों, अभिभावकों व अन्य लोगों समेत 150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। सूत्रों ने बताया कि शक है कि प्रश्न पत्र लीक नासिक से हुआ था। एसओजी सूत्रों ने बताया, "राजस्थान एसओजी से मिली जानकारी के आधार पर नासिक पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। प्रश्न पत्र लीक माफिया के सुराग और नेटवर्क की विस्तार से जांच की जा रही है।" अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में राजस्थान में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है और कानूनी कार्रवाई सीबीआई करेगी। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।
