यूपी में ODOP सीएफसी को जनभागीदारी से जोड़ने पर फोकस, छोटे उद्यमियों को मिलेगा बड़ा बाजार
-एमएसएमई मंत्री ने की प्रदेश में संचालित 16 सीएफसी परियोजनाओं की समीक्षा -कारीगरों व सूक्ष्म उद्यमियों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार के निर्देश
लखनऊ, अमृत विचार : सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान ने एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत स्थापित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) को जनभागीदारी से जोड़ने और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। मंगलवार को प्रदेश में संचालित 16 सीएफसी परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन केंद्रों का लाभ अधिक से अधिक कारीगरों, बुनकरों और सूक्ष्म उद्यमियों तक पहुंचाया जाए।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई सीएफसी में सीमित लाभार्थियों की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा योजनाओं का लाभ केवल कुछ लोगों तक सीमित रखने की नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर पारंपरिक उद्योगों और कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की है।
इसी उद्देश्य से सीएफसी परियोजनाओं में 90 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान और 10 प्रतिशत उद्यमियों का योगदान रखा गया है। बैठक में अधिकारियों को मोबाइल संदेश, पंपलेट, उद्योग बंधु बैठकों और मीडिया माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी सीएफसी में “सिटीजन चार्टर” प्रदर्शित करने को कहा गया, ताकि लोगों को उपलब्ध सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
समीक्षा में अंबेडकर नगर, मुरादाबाद, संभल, वाराणसी, खुर्जा, आगरा, मेरठ, सहारनपुर, बरेली, अयोध्या और गाजियाबाद की परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। बनारस सिल्क सीएफसी, मुरादाबाद पीवीडी प्लांट और संभल बटन उद्योग सीएफसी की कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में खुर्जा ब्लैक पॉटरी सीएफसी को सफलता का मॉडल बताया गया। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना से 1253 से अधिक लाभार्थी जुड़े हैं और कारोबार 15-20 लाख रुपये से बढ़कर 90-95 लाख रुपये तक पहुंच गया है। गाजियाबाद इंजीनियरिंग एवं टूल रूम आधारित सीएफसी में सीएनसी मशीन, 3डी प्रिंटिंग, मटेरियल टेस्टिंग और स्किल ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां 500 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और रक्षा क्षेत्र के लिए कंपोनेंट निर्माण की संभावनाओं पर भी काम चल रहा है।
बुनकरों-कारीगरों के मुद्दों पर भी चर्चा
समीक्षा बैठक में बुनकरों और कारीगरों ने बिजली, धागे की लागत, तकनीकी उन्नयन और बाजार प्रतिस्पर्धा से जुड़े मुद्दे उठाए। अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने वर्षों तक फ्लैट रेट विद्युत योजना लागू रखकर बुनकरों को राहत दी है।
छोटे उद्यमों को बड़े बाजार से जोड़ने की तैयारी
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उद्योग बंधु बैठकों का आयोजन सीएफसी परिसरों में किया जाए और बड़ी उद्योग इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर छोटे उद्यमियों को सप्लाई चेन और बड़े बाजार से जोड़ा जाए।
