बाराबंकी : खराब गुणवत्ता पर डीएम नाराज, एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस
डीएम की अध्यक्षता में आयोजित हुई जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक
बाराबंकी, अमृत विचार। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की 80 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली कुल 294 परियोजनाओं की परियोजनावार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से कराए गए स्थलीय सत्यापन में कई स्थानों पर कार्यों में कमियां पाई गई थीं।
इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि पाइपलाइन डालने से पूर्व जैसी सड़क स्थिति थी, कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क को उसी गुणवत्ता के साथ पुनर्स्थापित किया जाए। जिलाधिकारी ने कमियां पाए जाने वाली सभी परियोजनाओं के लिए संबंधित निर्माण एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही पूरे किए जाएं। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जल निगम ग्रामीण के सहायक अभियंता प्रतिदिन कम से कम तीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करें और अगली समीक्षा बैठक में निरीक्षण रिपोर्ट एवं प्रगति चार्ट के साथ उपस्थित हों।
साथ ही सभी परियोजनाओं में शत-प्रतिशत घरेलू जल कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि सभी परियोजनाओं का नियमित औचक निरीक्षण ब्लॉक एवं तहसील स्तर के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा तथा कमी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में जल निगम ग्रामीण के अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पात्र परिवार को मिले सरकारी योजनाओं का लाभ- डीएम
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जीरो पॉवर्टी अभियान के अंतर्गत चिन्हित परिवारों के गुणात्मक सुधार हेतु संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा चिन्हित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही योजनाओं एवं सुविधाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जीरो पॉवर्टी अभियान का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि चिन्हित परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार, आवास एवं सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त कर उनके जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, किसान सम्मान निधि, मनरेगा, स्वरोजगार योजनाओं सहित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पात्रता के बावजूद वंचित परिवारों को तत्काल लाभान्वित किया जाए तथा अभियान की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ग्राम स्तर पर संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर चिन्हित परिवारों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, जिला विकास अधिकारी भूषण कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
