आर्टेमिस 2 मिशन : हम चले चांद की ओर

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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नासा ने बीते कल आर्टेमिस 2 मिशन की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग कर दी। फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से भारतीय समयानुसार सुबह 3:54 बजे विशाल एसएलएस रॉकेट ने आसमान में उड़ान भरी। यह 54 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जाने वाला पहला मानव मिशन है। लॉन्च पूरी तरह सफल रहा और चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी की कक्षा में पहुंच गए हैं। इस मिशन में चार सदस्यीय क्रू शामिल है

रीड वाइसमैन (मिशन कमांडर)

विक्टर ग्लोवर (पायलट) - चांद के पास जाने वाले पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री
क्रिस्टीना कोच (मिशन स्पेशलिस्ट) - चांद मिशन पर जाने वाली पहली महिला
जेरेमी हैनसेन (मिशन स्पेशलिस्ट)- चांद के पास जाने वाले पहले कनाडाई अंतरिक्ष यात्री

ये चारों अब ओरियन कैप्सूल में बैठकर चांद की ओर बढ़ रहे हैं। आर्टेमिस 2 लैंडिंग मिशन नहीं है। यह 10 दिन का परीक्षण मिशन है। क्रू चांद के बहुत करीब- लगभग 9600 किलोमीटर तक जाएगा। वे चांद के चारों ओर घूमेंगे और फिर पृथ्वी पर वापस आएंगे। इस दौरान ओरियॉन कैप्सूल की गहरे अंतरिक्ष में काम करने की क्षमता, जीवन रक्षा प्रणाली, नेविगेशन, कम्युनिकेशन और हीट शील्ड की पूरी जांच की जाएगी। वापसी के समय ओरियॉन 40 हजार किलोमीटर प्रति घंटा की तेज गति से पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल होगा।

यह लॉन्च इसलिए ऐतिहासिक है, क्योंकि अपोलो 17 के बाद पहली बार इंसान चांद के इतने करीब जा रहे हैं। यह मिशन आर्टेमिस कार्यक्रम की असली शुरुआत है। इसकी सफलता के बाद नासा आर्टेमिस 3 में चांद पर इंसानों को उतारेगा और आगे चलकर चांद पर स्थायी बेस बनाने की तैयारी करेगा। यह मिशन भविष्य में मंगल ग्रह पर जाने वाले मिशनों की भी नींव रखेगा, साथ ही यह युवा पीढ़ी को अंतरिक्ष विज्ञान की ओर आकर्षित करेगा। 16 नवंबर सन् 2022 को आर्टेमिस-1 के प्रक्षेपण के साथ इस मिशन की शुरुआत हुई थी।

अब क्रू कई दिनों तक चांद की ओर बढ़ता रहेगा। वे चांद के पीछे वाले हिस्से से भी गुजरेंगे, जहां पृथ्वी से रेडियो संपर्क कुछ समय के लिए टूट जाएगा। इस दौरान कई वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे। लगभग 10 दिन बाद ओरियॉन कैप्सूल प्रशान्त महासागर में पैराशूट की मदद से उतरेगा।

नासा की आर्टेमिस 2 मिशन की सफल लॉन्चिंग अंतरिक्ष इतिहास का एक बड़ा पल है। 54 साल बाद इंसान फिर चांद की यात्रा पर निकले हैं। यह मिशन न सिर्फ अमेरिका, बल्कि पूरी मानवता के लिए नई उम्मीद और नई संभावनाएं लेकर आया है।-डॉ. राजीव अग्रवाल