उत्तर मध्य रेलवे ने स्क्रैप बेचकर कमाए 316.87 करोड़ रुपये, अर्जित किया 41.87 करोड़ से अधिक राजस्व
प्रयागराजः उत्तर मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्क्रैप निष्पादन से कुल 316.87 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। यह राशि निर्धारित लक्ष्य 275.00 करोड़ से 41.87 करोड़ अधिक है, जो लक्ष्य से लगभग 15.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। यह उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में भी 16.40 प्रतिशत अधिक है।
रेलवे प्रशासन ने इस सफलता का श्रेय महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह और प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक एस.पी. द्विवेदी के सुनियोजित प्रयासों को दिया है। उनके मार्गदर्शन में विभिन्न मंडलों और डिपो ने स्क्रैप निष्पादन प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया। इस अभियान के तहत कंडेम्ड वैगन, पुराने कोच, जल टंकियां, स्टील संरचनाएं और नॉन-फेरस सामग्री जैसे अनुपयोगी संसाधनों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इससे रेलवे को अतिरिक्त आय मिली, परिसरों में स्वच्छता सुनिश्चित हुई और बहुमूल्य रेलवे भूमि को अन्य उपयोगों के लिए उपलब्ध कराया जा सका।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्क्रैप निष्पादन को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है और इसकी नियमित समीक्षा उच्च स्तर पर की जाती है। इसी कारण हर वर्ष इस क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।उत्तर मध्य रेलवे ने भविष्य के लिए 'जीरो स्क्रैप' का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभाग स्क्रैप बिक्री में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, रेलवे अपने परिसरों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाए रखने की दिशा में भी निरंतर प्रयासरत रहेगा।
