फिल्म शूटिंग का नया हब बना बिहार, 45 फिल्मों की शूटिंग को मिली मंजूरी
पटनाः बिहार में 45 फिल्मों की शूटिंग को मंजूरी मिली है। ये फिल्में भोजपुरी, हिंदी, मगही और हिंदी-मैथिली जैसी कई भाषाओं में बनाई जा रही हैं। इनमें 22 हिंदी, 19 भोजपुरी, एक मगही,एक अंग्रेजी एवं भोजपुरी,एक हिंदी एवं मैथिली फिल्में शामिल हैं। बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड की ओर से वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए जारी सूची के अनुसार कुल 45 फिल्मों/प्रोजेक्ट्स की शूटिंग बिहार में की जा रही है। इनमें 38 फीचर फिल्में, छह डॉक्यूमेंट्री और एक वेब सीरीज हैं। इन सभी फिल्मों को राज्य सरकार की बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत सब्सिडी और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
वर्ष 2024 के जुलाई से अब तक कुल 39 फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है बजकि बाकि फिल्मों की शूटिंग चल रही है। सूची में शामिल प्रमुख फिल्मों में संघतिया, द लॉन्ग जर्नी होम, बिहार का जलवा, सुहागिन के सेनुर, लार्इफ लीला, जिंदगी बितवनी तोहरे प्यार में, घर का बंटवारा, नारी, रजनी की बारात, ओह माय डॉग, टिया, सुगनी, पतिदान, छठ, पेन ब्रश, बिहान, अनमोल घड़ी, बंटवारा, अंबे है मेरी मां, बेटी बनल विजेता, अखंड भेदम, बिहारी भौजी, वृहस्पति व्रत कथा, जय मईया शारदा भवानी, जिंदगी एक प्रेम कथा, मईया थावे वाली, मगध पुत्र, आखिरी लेसन, इकोस ऑफ द एबसेंट, चंपारण सत्याग्रह, डोंट टर्न, हालात, आदि शक्ति मुंडेश्वरी, जीवन की शतरंज, बोध गया का महाबोधि मंदिर, अंधेरे में रोशनी की किरण, डिजिटल युग का संस्कार,बजरंगी, गुंबद, प्यार त पागल होला, बिहार लेजिस्लेटिव असेंबली चेयरमैन अपटू 2025, ऑफलाइन, आईडल, मिस बिहार और द आउट कास्ट बड शामिल हैं।
फिल्मों की शूटिंग राज्य के विभिन्न प्रमुख स्थलों जैसे राजगीर, बोधगया, पटना, गया, मुंगेर और चंपारण में हो रही है। इन लोकेशनों के माध्यम से बिहार की ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जा रहा है। सरकार की फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत निर्माताओं को सब्सिडी, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और प्रशासनिक सहयोग मिल रहा है।
