सूरत में दर्दनाक : तीन मंजिला मकान में लगी भीषण आग, चार महिलाओं समेत पांच की जलकर मौत
सूरत। गुजरात के सूरत शहर में मंगलवार सुबह एक तीन मंजिला मकान में आग लगने से चार महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न करीब 10 बजे लिंबायत पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत मीठी खाड़ी इलाके में घटी। हादसे के समय इमारत में मौजूद परिवार फोम शीट का उपयोग करके साड़ियों की पैकिंग कर रहा था।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कानन देसाई ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल दल और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। देसाई ने बताया कि आग एक तीन मंजिला मकान में लगी, जिसका इस्तेमाल मकान मालिक द्वारा साड़ियों की पैकिंग के लिए किया जा रहा था। उन्होंने कहा, ''चूंकि आज छुट्टी का दिन है, इसलिए वे सामान पैक करने के लिए बड़ी मात्रा में सामग्री लाए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकलकर्मी और 108 आपातकालीन सेवा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे।''
अधिकारी ने बताया कि जब आपातकालीन सेवा कर्मी परिसर में दाखिल हुए तो पूरा कमरा घने धुएं से भरा हुआ था, जिससे शुरू में पीड़ितों तक पहुंचना मुश्किल हो गया था। देसाई ने बताया, ''धुआं थोड़ा छंटने पर देखा गया कि सामने का कमरा और आसपास का इलाका साड़ियों की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली फोम की शीट से भरा हुआ है। स्विचबोर्ड के पास भी फोम रखा हुआ था।''
शुरुआती जांच से संकेत मिला है कि आग संभवत: शॉर्ट सर्किट से लगी होगी। डीसीपी ने बताया, ''दमकलकर्मियों से हुई हमारी शुरुआती बातचीत के आधार पर, हमें संदेह है कि स्विचबोर्ड के सामने रखे फोम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी होगी। चूंकि इस फोम में रसायन होते हैं, इसलिए इससे भारी धुआं निकला।''
उन्होंने बताया कि पीड़ितों की मौत जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से हुई। देसाई ने बताया, ''धुएं के कारण दम घुटने से चार महिलाएं और एक बच्चा गंभीर रूप से प्रभावित हुए। उन्हें गंभीर हालत में सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।''
अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों की पहचान शहनाज बेगम अंसारी (65), हुसा बेगम अंसारी (18), शबीना अंसारी (28), परवीन अब्दुल अंसारी (19) और सुभान अली अंसारी (4) के रूप में की गई है। प्रत्यक्षदर्शी यूनुस खान ने दावा किया कि अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों की वजह से आग तेजी से फैली।
उन्होंने दावा किया, ''अंदर फोम से भरे बोरे और साड़ियां पड़ी थीं। जब उनमें आग लगी, तो परिवार के सदस्य घबरा गए और यह सोचकर पीछे के कमरे में चले गए कि वे सुरक्षित रहेंगे। लेकिन फोम में रसायन थे और उससे जहरीली गैस निकली, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई।''
खान ने संवाददाताओं से बताया कि पीड़ित महिलाएं मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं और साड़ी पैकिंग का काम करती थीं। उन्होंने बताया कि हादसे के समय महिलाएं और एक बच्चा घर पर था जबकि परिवार के पुरुष काम पर बाहर गए हुए थे।
