Bareilly : नहीं डूबेंगे सफाई के दावे, बारिश से पहले साफ होंगे नाले
शहर में 213 नालों की सफाई पर नगर निगम खर्च करेगा पांच करोड़
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम ने बारिश से पहले शहर में नाला सफाई की तैयारी शुरू कर दी है। अफसरों का दावा है कि नालों की तली झाड़ सफाई कराई जाएगी। ताकि बारिश में जलभराव की समस्या न हो। छोटे-बड़े 213 नालों की सफाई पर पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। सफाई का जिम्मा नगर स्वास्थ्य और निर्माण विभाग के कंधों पर है। दोनों विभाग मिलकर नाला सफाई अभियान चलाएंगे। फिलहाल, टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
निगम कार्ययोजना के अनुसार नगर स्वास्थ्य विभाग के कंधों पर 193 बड़े नालों की जिम्मेदारी है, जबकि निर्माण विभाग 20 सबसे जटिल और प्रमुख नालों की सफाई का मोर्चा संभालेगा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानू प्रकाश ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया अंतिम पड़ाव पर है। इसी महीने काम शुरू कर दिया जाएगा। चीफ इंजीनियर मनीष अवस्थी ने बताया कि 20 में से 16 प्रमुख नालों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शेष के लिए भी जल्द ही औपचारिकताएं पूरी कर काम धरातल पर उतार दिया जाएगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने निर्देश दिए हैं कि पहले उन संवेदनशील इलाकों को प्राथमिकता दी जाए, जहां पानी का निकास सबसे अधिक बाधित होता है। नाला सफाई के दौरान सिल्ट निकाली जाएगी, उसकी भी नियमित मॉनिटरिंग और वीडियोग्राफी कराई जाएगी। सिल्ट का तुरंत निस्तारण किया जाए। जून के पहले हफ्ते तक शत-प्रतिशत सफाई का लक्ष्य है, ताकि जब मानसून दस्तक दे, तो शहर के ड्रेनेज सिस्टम में पानी का प्रवाह बिना किसी बाधा के बना रहे।
नालों से स्लैब नहीं हटाए तो तोड़े जाएंगे
सिविल लाइंस, कुतुबखाना, पटेल चौक, किला, सिकलापुर,आलमीगिरीगंज, सुभाषनगर, बदायूं रोड आदि जगहों पर नालों पर दुकानदारों ने आगे स्लैब डाल दिए हैं। नाले की जेसीबी से सफाई की जाती है। स्लैब के कारण नालों की सफाई नहीं हो पाती। जिससे नाले चोक रहते हैं और नालियों में पानी भरता है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर स्लैब नहीं हटाए गए तो तोड़े जाएंगे। नाला सफाई में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।
हादसे के बाद खुले नालों की हो रही घेराबंदी
सेटेलाइट बस स्टैंड परिसर में बने नाले में गिरने से पिछले दिनों ट्रक चालक तौहीद की जान चली गई थी। इस घटना के बाद नींद से जागे नगर निगम प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं। शहर में खुले नालों के किनारे लोहे की मजबूत रेलिंग लगाई जा रही है। बस स्टैंड के आसपास के असुरक्षित हिस्सों में रेलिंग लगाने का काम तेजी से चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह कदम पहले उठाया गया होता तो एक कीमती जान बचाई जा सकती थी।
