UP Weather Update: किसानों के लिए आफत बना बिगड़ा मौसम, पश्चिमी विक्षोभ से 7-8 अप्रैल को भी बारिश और ओलावृष्टि के आसार 

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार दूसरे दिन आंधी-बारिश के साथ ओले पड़े। इसने खेतीबाड़ी को भयंकर नुकसान पहुंचाया है। बुंदेलखंड और मध्य यूपी के बांदा, कानपुर, इटावा, जालौन, फर्रुखाबाद, औरैया और हरदोई में ओलावृष्टि ने फसलें प्रभावित हुईं। सोमवार को पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि के आसार बने हैं। मौसम के बिगड़े रुख से किसानों की सांसें थमी हैं। 

शनिवार के बाद रविवार को भी कुछ इलाकों में तेजी हवाओं के साथ बारिश हुई। इसने गेहूं, आलू, सब्जी और अन्य फसलों को प्रभावित किया है। रविवार को सुबह को तेज धूप रही लेकिन दोपहर बाद मौसम बदल गया। आसमान में बादल छाए रहे और शाम ढलते-ढलते तेज हवाओं के साथ कुछ जगहों पर बारिश हुई। 

इससे तापमान में तो गिरवाट रही, लेकिन किसानों की चिंताएं बढ़ी रहीं। लखनऊ में रविवार को 32.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसमें 3.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। 

कुछ जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के कारण मौतें भी सामने आ रही हैं। झांसी और अलीगढ़ में बिजली गिरने से दो मौतों की खबर है। आंधी से हुए हादसे में कानपुर में दो-तीन लोगों की मौत होने की बात सामने आ रही है। 

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का असर सोमवार से शुरू होगा। ये पश्चिमी यूपी से शुरू होगा और आठ अप्रैल तक इसका असर रहने की संभावना है। इससे 8 अप्रैल तक फिलहाल मौसम गड़बड़ रह सकता है। 

चूंकि खेतों में गेहूं की फसल तैयार खड़ी है। ऐसे में आंधी और ओलावृष्टि किसानों के लिए किसी आफत से कम नहीं है। पश्चिमी यूपी में पहले ही ओलावृष्टि और आंधी से गेहूं की फसलों को काफी नुकसान हो चुका है और लगातार बिगड़ते मौसम ने किसानों को निराश कर दिया है। 

उधर, मौसम से फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही सर्वेक्षण के निर्देश जारी कर रखे हैं। ताकि प्रभावित किसानों की सहायता की जा सके।

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