असम से अयोध्या पहुंचा श्रमिकों का पहला दल: चाय बागान के 30 श्रमिकों ने किए रामलला के दर्शन
अयोध्या, अमृत विचार : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से असम के डिब्रूगढ़ के मनोहरी चाय बागान के 30 श्रमिकों का पहला दल अयोध्या पहुंचा, जिसमें 25 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल रहे। सुबह करीब 6 बजे कारसेवक पुरम में ट्रस्ट पदाधिकारियों के द्वारा स्वागत किया गया।
इसके बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में स्नान किया और फिर हनुमानगढ़ी, नागेश्वर नाथ मंदिर, दशरथ महल, कनक भवन और राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया। श्रमिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया।
गौरतलब है कि असम दौरे के दौरान प्रधानमंत्री उनके चाय बागान पहुंचे थे, तब उन्होंने पूछा था कि क्या उन्होंने कभी काशी और अयोध्या का दर्शन किया है। जब जवाब ‘नहीं’ में मिला, तो प्रधानमंत्री ने उन्हें इन पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए प्रेरित किया। जिसके चलते पहला दल अयोध्या पहुंचा है।
यात्रा का स्वागत विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने किया। बताया यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि उन श्रमिकों के लिए एक ऐतिहासिक अनुभव भी साबित हुई है, जिन्होंने पहली बार अपने जीवन में अयोध्या धाम के दर्शन किए। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा ने श्रमिकों का अभिनंदन किया। अशोक सिंघल फाउंडेशन ने असम से चाय बागान में रहने वालों लोगों दर्शन कराए जाने का संकल्प लिया है।
मोदी जी ने हमारे साथ चाय का पत्ता तोड़ा था
महिला श्रमिक मोनिका ने बताया कि हम लोगों के बागान गाए थे। उनसे मिलकर हम लोगों को बहुत अच्छा लगा। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुलाकात होगी। जहां उन्होंने बागान में काम करने की जानकारी मिली थी। उन्होंने हम लोगों के परिवार की भी जानकारी ली। अयोध्या जाने के लिए कहा था। इसलिए आए हुए है।
श्रमिक वासु नायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हमारे साथ बागान में कुछ चाय का पत्ता भी तोड़ा था। उन्होंने कहा कि अयोध्या घूमने के लिए भी उन्होंने पूछा था। हम लोगों ने बताया कि आमदनी उतनी नहीं है। बच्चों की पढ़ाई भी होती है। तो उन्होंने देश भ्रमण के लिए बोला था, जिसके बाद सभी को यात्रा पर भेज दिया है।
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