स्मार्ट दिखेंगे गांव: बरेली की 57 ग्राम पंचायतें बनेंगी हाईटेक, ये बुनियादी सुविधाएं कराएंगी शहर जैसा अहसास
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत गांवों के विकास को मिली रफ्तार
बरेली, अमृत विचार। अब आने वाले दिनों बरेली के गांव बुनियादी सुविधाओ से महरूम नहीं रहेंगे। क्योंकि तेजी से स्मार्ट होते बरेली शहर के बाद यहां की ग्राम पंचायतों की संवारने का बीड़ा सरकार ने उठाया है। अधिकारियों की माने तो प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत शहर की 57 ग्राम पंचायतों को चमकाने की तैयारी है। यानी आने वाले वक्त में जिले की किसी ग्राम पंचायत में जाते वक्त शहर जैसी सुविधाओं का अहसास करें तो हैरानी की बात नहीं होगी।
हर गांव को 20 लाख का बजट मंजूर
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायतों को चमकाने की तैयारी के लिए बजट भी मंजूर हो गया है। बस अब तैयारी इस योजना को जमीन पर उतारने की है। इन चुनिंदा गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास करने के लिए प्रति ग्राम पंचायत 20 लाख रुपये का विशेष बजट स्वीकृत किया गया है। लिहाजा अगले चरण में तेजी के साथ विकास का खाका तैयार कर उसके मुताबिक ही योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।
ग्रामीणों का बदलेगा लाइफ स्टाइल
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांश शेखर ने बताया कि सभी संबंधित ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के स्तर से एक सप्ताह के अंदर विस्तृत कार्ययोजना मांगी गई है। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाली इस विकास योजना की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से सीधे ग्राम पंचायतों को फंड ट्रांसफर कर दिया जाएगा। योजना का मकसद ग्रामीण इलाकों में लोगों के लाइफ स्टाइल को बेहतर बनाना है।
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को तरजीह
ग्रामीणों इलाकों में कूड़ा निस्तारण एक बड़ी समस्या है। लिहाजा विकास कार्यों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने को तरजीह दी गई है। जिससे ग्रामीण इलाकों में कूड़ा निस्तारण प्रभावी तरीके से किया जा सके। मकसद यही है कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिले। यही वजह है कि लिक्विड वेस्ट प्लांट लगाने की भी तैयारी है। जिससे गंदे पानी को ट्रीटेड वॉटर में तब्दील किया जा सके। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बगैर गंदा और केमिकल युक्त पानी रिसाइकिल हो सके।
शिक्षण संस्थानों की सुधरेगी हालत
योजना के तहत ग्रामीण इलाकों के शिक्षण संस्थानों के विकास का भी खास ख्याल रखा गया है। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आधुनिक शौचालय, सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर लाइट, आरसीसी की छोटी पुलिया, नए आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन और साफ पानी के लिए नए बोरवेल आदि का निर्माण कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बजट मिलते ही निर्माण कार्य तेज गति से शुरू करा दिए जाएंगे।
ब्लॉकवार चयनित ग्राम पंचायतें
सबसे ज्यादा नवाबगंज ब्लॉक के 10 गांवों को शामिल किया गया है। इसके अलावा आलमपुर जाफराबाद और फरीदपुर ब्लॉक से सात-सात, बहेड़ी और रामनगर ब्लॉक से पांच-पांच, भोजीपुरा, बिथरी, दमखोदा और भदपुरा ब्लॉक से चार-चार, भुता और मझगवां ब्लॉक से तीन-तीन, जबकि मीरगंज ब्लॉक से एक ग्राम पंचायत का चयन हुआ है।
