Bareilly:आंधी-बारिश ने मचाई तबाही....शहर के कई इलाके अंधेरे में डूबे
बरेली, अमृत विचार। मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे बारिश के साथ आई तेज आंधी ने शहर से देहात तक जमकर तबाही मचाई। झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, मगर मुश्किलें भी झेलनी पड़ीं। सिविल लाइंस, चौकी चौराहा, मालियों की पुलिया और बदायूं रोड पर कई यूनिपोल और होर्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गए। गनीमत रही कि कोई चोटिल नहीं हुआ। आंधी से शहर में कई जगहों पर पेड़ उखड़ने के साथ लाइन के साथ पोल जमीन पर आ गए। अधिकांश इलाकों की बिजली गुल हो गई। पेयजल का संकट खड़ा हो गया। लोगों को परेशानी से जूझना पड़ा। देर शाम तक ज्यादातर इलाके अंधेरे में डूबे रहे।
आंधी का सबसे ज्यादा असर सड़कों पर खड़े वाहनों और पुरानी इमारतों पर देखने को मिला। विकास भवन और शाहजहांपुर रोड पर चलती कारों पर विशालकाय पेड़ गिर गए, हालांकि कार चालक बाल-बाल बच गए। स्टेडियम के सामने पेड़ गिरने से कार चकनाचूर हो गई। एलन क्लब सब्जी मंडी के पास नगर निगम की दुकानों का छज्जा भरभरा कर गिर पड़ा। बरेली कॉलेज के पास निगम मार्केट की दीवार ढह गई। संजय नगर के होली चौराहे पर विशाल पीपल का पेड़ दो मकानों पर जा गिरा, जिससे घरों को काफी नुकसान पहुंचा। इधर, वन विभाग की टीमों ने सड़कों पर गिरे पेड़ों को काटकर हटाया। वहीं, बिजली विभाग के कर्मचारी टूटे हुए तारों और पोल को दुरुस्त करने में देर रात जुटे रहे। कई कॉलोनियों में घंटों तक बिजली और पानी का संकट बना रहा।
चौकी चौराहा : झुक गया 20 साल पुराना बोर्ड
चौकी चौराहे पर भी तेज हवाओं के झोंके से एक विशाल संकेत बोर्ड झुक गया। व्यस्त मार्ग होने के कारण चालकों और राहगीरों में दहशत फैल गई। सूचना पर निगम की टीम ने क्रेन की मदद से बोर्ड को हटवाया। विज्ञापन प्रभारी राजीव कुमार राठी ने बताया कि यह बोर्ड करीब 15-20 साल पुराना था, जिसका बेस कमजोर होने से यह झुक गया था।
यूनिपोल गिरने पर मंडलायुक्त ने दिए कार्रवाई के आदेश
तेज आंधी के दौरान इसाइयों की पुलिया और पीलीभीत रोड पर दो यूनिपोल अचानक बीच सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद करीब दो से तीन घंटे तक दोनों यूनिपोल सड़क पर पड़े रहे। राहगीर व वाहन चालक जान जोखिम में डालकर निकलते रहे। जानकारी मिलने पर मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने पूरे मामले की जांच कराई तो पता चला इन्हें लगाने वाली फर्म प्रकाश आर्ट को करीब दो महीने पहले ही नोटिस जारी कर यूनिपोल की मजबूती जांचने और कमजोर होने पर उन्हें बदलने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद फर्म ने कोई कदम नहीं उठाया।
निचले इलाकों में जलभराव
चंद घंटे की तेज बारिश ने ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी। शहर के निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को आवाजाही में दिक्कत हुई। किला, पुराना शहर, नवादा शेखान, जोगी नवादा जैसे क्षेत्रों में नालियां ओवरफ्लो होने से गंदा पानी घरों और दुकानों में भी घुस गया। पशुपति नाथ मंदिर वाली रोड पर जलभराव के चलते कई वाहन बीच सड़क पर ही बंद हो गए।
