गोरखपुर में गोला पम्प नहर के आधुनिकीकरण से 13 हजार हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, 22.29 करोड़ की योजना मंजूर

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Published By Anjali Singh
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के दक्षिणांचल क्षेत्र के किसानों को खेतों की सिंचाई में बड़ी सहूलियत मिलने वाली है। इस क्षेत्र में निर्बाध सिंचाई व्यवस्था के लिए योगी सरकार चौधरी चरण सिंह गोला पम्प नहर का आधुनिकीकरण करा रही है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि 22.29 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का दो.तिहाई कार्य पूर्ण हो चुका है। 

वर्ष 1957 में बनी गोला पम्प नहर की आधुनिकीकरण की परियोजना में सब स्टेशन को 33/3.3 केवी से बढ़ाकर 33/11 केवी किया जा रहा है। इससे वोल्टेज की समस्या का समाधान हो जाएगा और पम्प के संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी। सब स्टेशन की क्षमता उन्नयन के अनुरूप ही एचटी और एलटी ट्रांसफार्मर का अपग्रेडेशन भी किया जा रहा है। 

इसके अलावा 60 क्यूसेक क्षमता के पांच होरिजेंटल स्प्लिट केसिंग ज्योति मेक पम्प को बदलने का कार्य भी होगा। उन्होंने बताया कि आधुनिकीकरण की परियोजना में 250 किलोवाट 3.3 केवी पांच एचटी मोटर को 250 किलोवाट 11 केवी के एचटी मोटर में बदला जाएगा। साथ ही मड पम्प, डिवाटरिंग पम्प को भी बदलकर नया लगाया जाएगा। 

पम्प नहर के आधुनिकीकरण से पानी का डिस्चार्ज बढ़ेगा और नहर के टेल तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा गोला और बांसगांव तहसील क्षेत्र के किसानों को मिलेगा। इस कारण है कि पम्प नहर के जरिए करीब 13 हजार हेक्टेयर भूमि का सिंचन इन्हीं दो तहसीलों के अंतर्गत होता है। चौधरी चरण सिंह गोला पम्प नहर के आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी, कार्यदायी संस्था लिफ्ट एवं सिंचाई खंड विभाग उठा रही है। 

सिंचाई विभाग ;सरयू कैनाल, के अधिशासी अभियंता विश्वनाथ शुक्ला के अनुसार गोला पम्प नहर आधुनिकीकरण परियोजना के तहत भौतिक प्रगति 68 प्रतिशत है। इसे मार्च 2027 तक शत प्रतिशत पूर्ण कर लेने का लक्ष्य है। पम्प नहर के सब स्टेशन और मशीनों के अपग्रेड होने से रबी और खरीफ दोनों फसलों के दौरान समय पर पानी मिल सकेगा, जिससे पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी। 

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