बिल्डर अब नहीं कर पाएंगे धोखा! रेरा लेकर आया है AI पोर्टल, नौ वर्ष पूरे होने पर गिनाई उपलब्धियां

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Published By Muskan Dixit
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1 मई को मनेगा ‘रेरा दिवस’

लखनऊ, अमृत विचार : उप्र भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के नौ वर्ष पूर्ण होने पर मंगलवार को ओल्ड हैदराबाद स्थित मुख्यालय पर अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने प्रेसवार्ता में उपलब्धियां गिनाईं। कहा, घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए उठाए गए प्रभावी कदम से उन्हें बड़ी राहत मिली है, उनका विश्वास बढ़ा है। रेरा ने सफलता के साथ 10वें वर्ष में प्रवेश किया है। हर वर्ष 1 मई को ‘रेरा दिवस’ मनाएंगे।

इन वर्षों में 6,252 रिकवरी सर्टिफिकेट के माध्यम से प्रमोटरों से 1,581 करोड़ की लंबित राशि वसूल कर आवंटियों के खातों में स्थानांतरित की गई। प्रमोटरों और आवंटियों के बीच समझौते के माध्यम से 1,777 रिकवरी सर्टिफिकेट के विरुद्ध 545 करोड़ की राशि प्राप्त की। कुल 8,029 आवंटियों को 2,126 करोड़ की लंबित राशि प्राप्त हुई है। खासकर अंसल पर 92 मामलों में 200 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। सबसे ज्यादा शिकायतें गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, लखनऊ व वाराणसी की बिना भागदौड़ ई-कोर्ट के माध्यम से निस्तारित की गईं।

अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं और प्रमोटरों की सुविधा व जानकारी के लिए एलईडी स्क्रीन सुविधा का उद्घाटन किया। बताया कि खरीदार जल्द परियोजनाओं का पूरा ब्योरा क्यूआर कोड स्कैन करके देख सकेंगे। इससे वास्तविक स्थिति पता चलेगी और फर्जीवाड़े का शिकार नहीं होंगे। इसके लिए एआई आधारित विभागीय पोर्टल 2.0 अपडेट कर रहे हैं।

इस वर्ष 400 परियोजनाएं स्वीकृत करने का लक्ष्य

अध्यक्ष ने बताया कि रियल एस्टेट परियोजनाएं राज्य के अन्य हिस्सों में बड़ी संख्या में पंजीकृत हो रही हैं। वर्ष 2023 में 197, वर्ष 2024 में 259 और वर्ष 2025 में 308 परियोजनाएं पंजीकृत हुईं। यह गति वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में और तेज हुई। इस अवधि में 106 नई परियोजना पंजीकृत की गईं। पिछले वर्ष की तुलना में 19 फीसद वृद्धि हुई है। इस पूरे वित्तीय वर्ष में 400 परियोजनाएं स्वीकृत करने का लक्ष्य है। इससे अधिक निवेश हुआ और लोगों को अधिक से अधिक आवासीय और व्यावसायिक सुविधा मिली।

11,377 मामलों में 5,943 करोड़ राशि का समाधान

प्रमोटर व आवंटी के बीच समझौते के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का समाधान किया गया। रेरा पीठों के समक्ष 3,095 मामलों में 1,883 करोड़, सुलह मंच के माध्यम से 1,617 मामलों में 648 करोड़, सीधे समझौते के माध्यम से 6,665 मामलों में 3,412 करोड़ का निपटारा किया गया। इस प्रकार कुल 11,377 मामलों में 5,943 करोड़ की राशि का समाधान किया गया। कुल 4206 कराेड़ वसूली के लिए 13,857 आरसी जारी की गई हैं।

इस तरह हुई इकाइयों में बढ़ोतरी

वर्ष 2023 - 55,297 इकाई
वर्ष 2024 - 69,365 इकाई
वर्ष 2025 - 84,976 इकाई
वर्ष 2026 जनवरी से अप्रैल तक - 33,206 इकाई

परियोजनाओं इस तरह बढ़ा निवेश

वर्ष 2023 - 28,411 करोड़
वर्ष 2024 - 44,526 करोड़
वर्ष 2025 - 68,328 करोड़
वर्ष 2026 (जनवरी से अप्रैल) - 25,156 करोड़

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