CSK vs DC: संजू सैमसन के 'सुपर' प्रदर्शन से चेन्नई की पांचवीं जीत, दिल्ली को 8 विकेट से रौंदा

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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दिल्ली। फॉर्म में चल रहे संजू सैमसन की नाबाद 87 रन की मैच विजयी पारी की बदौलत चेन्नई सुपरकिंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स को मंगलवार को आईपीएल मुकाबले में आठ विकेट से हराकर 10 मैचों में अपनी पांचवीं जीत दर्ज की और अपनी प्लेऑफ की उम्मीदों को मजबूती दे दी। चेन्नई सुपरकिंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स को 20 ओवर में सात विकेट पर 155 रन पर रोकने के बाद 17.3 ओवर में दो विकेट पर 159 रन बनाकर आसान जीत हासिल की। 

चेन्नई की इस जीत के सूत्रधार रहे संजू सैमसन जिन्होंने 52 गेंदों में सात चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 87 रन की पारी खेली।अरुण जेटली स्टेडियम की जिस पिच पर अन्य बल्लेबाजों को खेलने में परेशानी हो रही थी, उसी पिच पर संजू ने बल्लेबाजी को बेहद आसान बना दिया। उन्हें दूसरे छोर पर कार्तिक शर्मा का अच्छा साथ मिला। कार्तिक ने 31 गेंदों पर नाबाद 41 रन में चार चौके और दो छक्के लगाए। 

चेन्नई की टीम अब ऐसा लगता है कि पूरी तरह से लय में आ चुकी है। उन्होंने पहले अपने होम ग्राउंड में मुंबई इंडियंस को हराया और अब उसके बाद दिल्ली को उनके ही होम ग्राउंड में हरा दिया है। अच्छी गेंदबाजी करके चेन्नई ने दिल्ली को सिर्फ 155 रन पर रोक दिया था। यहीं से चेन्नई की जीत तय हो गई थी। बस देखना यह था कि कितने ओवर्स में वह जीतते हैं।

संजू सैमसन ने 52 गेंद पर नाबाद 87 और कार्तिक शर्मा ने 31 गेंद पर नाबाद 41 रन बनाकर 17.3 ओवर में ही टीम को जीत दिला दी है। इसकी वजह से टीम के नेट रन रेट में भी काफी सुधार आया है। अब टीम के 10 अंक हो गए हैं और वो अंक तालिका में छठे स्थान पर बने हुए हैं। इससे पहले ट्रिस्टन स्टब्स के 31 गेंद पर 38 और समीर रिज़वी के 24 गेंद पर नाबाद 40 रनों की बदौलत दिल्ली ने 155 रनों का स्कोर बनाया। 

टीम ने एक समय 69 रन तक ही पांच विकेट गंवा दिए थे। हालांकि उसके बाद स्टब्स और रिजवी ने 47 गेंद पर 65 रनों की साझेदारी कर टीम को सम्मानजक स्कोर तक पहुंचाया। रिज़वी ने आखिर के ओवर्स में ताबड़तोड़ बैटिंग की । रिजवी ने आखिरी गेंद पर छक्का उड़ाने सहित अंतिम ओवर में तीन छक्के मारे। आख़िरी ओवर में 20 रन बने और इसी वजह से दिल्ली ने सीएसके को 156 का लक्ष्य दिया। 

समीर रिज़वी जब 69 रन पर 5 विकेट गिरने के बाद मैदान पर आए, तो उनकी टीम गहरे संकट में थी; लेकिन इस 'इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट' ने यह सुनिश्चित किया कि टीम के स्कोरबोर्ड पर एक ऐसा स्कोर हो, जिसके दम पर वे मुकाबला कर सकें। यह पिच बिल्कुल भी आसान नहीं है - अक्षर ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए यह अंदाज़ा लगाया था कि दूसरी पारी में पिच धीमी हो सकती है, लेकिन उन्हें पहली पारी में ही ऐसी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, इसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। 

विकेट चिपचिपा था, गेंद पिच पर रुककर आ रही थी, टर्न मिल रहा था और बल्लेबाज़ी करना बेहद मुश्किल हो गया था। सीएसके के गेंदबाज़ों ने इस स्थिति का पूरा फ़ायदा उठाया और पिच की प्रकृति के अनुरूप गेंदबाज़ी की: तेज़ गेंदबाज़ों ने 'हार्ड लेंथ' पर गेंदें डालीं, तो वहीं स्पिनरों ने अपनी गति धीमी रखी।

शुरुआती क्रम के कई बल्लेबाज़ों ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन विकेट लगातार गिरते रहे और टीम गहरे संकट में फँस गई। ट्रिस्टन स्टब्स ने एक छोर संभाले रखा, जिससे रिज़वी को अपने मनपसंद शॉट्स खेलने का मौका मिला। आखिरी सात ओवरों में 78 रन बने। नूर ने दो विकेट चटकाए, और बाकी गेंदबाज़ों का प्रदर्शन भी काफ़ी प्रभावशाली रहा; हालाँकि, अंशुल कंबोज थोड़े महंगे साबित हुए।

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