गन्ने की फसल पर चूसक कीटों का खतरा : विभाग ने जारी किया अलर्ट, गर्मी में बढ़ा प्रकोप, नियंत्रण जरूरी
-गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने किसानों को बताए बचाव के उपाय
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में बढ़ते तापमान के बीच गन्ने की फसल पर चूसक कीटों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। अपर गन्ना आयुक्त वीके शुक्ला के अनुसार वर्तमान मौसम में गन्ने की पौध और पेड़ी फसल में चूसक कीटों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने किसानों को कीटों की पहचान, उनके प्रभाव और नियंत्रण के उपायों की विस्तृत जानकारी साझा की है, ताकि समय रहते फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
इन कीटों से सबसे ज्यादा खतरा
गन्ना शोध परिषद के अनुसार इस समय मुख्य रूप से तीन प्रकार के कीट काला चिकटा (ब्लैक बग), थ्रिप्स और सैनिक कीट सक्रिय हैं । काला चिकटा (ब्लैक बग) काले रंग का चूसक कीट होता है, जो पत्तियों का रस चूसकर उन्हें पीला और धब्बेदार बना देता है। इससे गन्ने की बढ़वार रुक जाती है। थ्रिप्स कीट यह बेहद छोटे आकार का होता है, जो पत्तियों के अंदर अंडे देकर रस चूसता है। इससे पत्तियां सफेद या पीली पड़ जाती हैं और उनका आकार विकृत हो जाता है। सैनिक कीट पत्तियों को कुतरकर खाता है और विशेष रूप से पेड़ी फसल में अधिक नुकसान पहुंचाता है।
बचाव के प्रमुख उपाय
• खेत की नियमित सिंचाई करें, ताकि नमी बनी रहे
• खरपतवार और सूखी पत्तियों को खेत से हटाएं
• संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें
• सुबह या शाम के समय कीटनाशक का छिड़काव करें
• प्रोफेनोफॉस 40% साइपरमेन्थिन 4% (750 मि.ली./हेक्टेयर)
या इमिडाक्लोप्रिड 17.8% (200 मि.ली./हेक्टेयर) का 625 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें
