चारधाम यात्रा का धमाकेदार आगाजः 11 दिनों में पहुंची रिकॉर्डतोड़ भीड़, हाड़ कंपाती ठंड किए बाबा के दर्शन

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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देहरादूनः उत्तराखंड की पवित्र भूमि पर इस साल चारधाम यात्रा का ऐसा आगाज हुआ है, जिसे 'अभूतपूर्व' कहना गलत नहीं होगा। केवल 11 दिनों के भीतर 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। हाड़ कंपाने वाली ठंड और बदलते मौसम के बावजूद बाबा के दर पर भक्तों का जनसैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा।

सबसे पहले बात बाबा केदार की। केदारनाथ धाम में अब तक 2 लाख 7 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। भीड़ को देखते हुए हेलीपैड पर अब एक साथ दो-दो हेलीकॉप्टर लैंड कर रहे हैं ताकि यात्रियों को इंतजार न करना पड़े। हालांकि, बीती रात हुई तेज बारिश ने श्रद्धालुओं की परीक्षा भी ली। 10,000 से ज्यादा भक्त बारिश में भीगे, लेकिन उनकी आस्था अडिग रही।

वहीं, बद्रीनाथ धाम की बात करें तो 23 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक 1 लाख 58 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीपैड विस्तार के लिए 1.74 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है, ताकि भविष्य में हवाई सेवाओं और आपदा राहत को और मजबूती मिल सके।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने साफ कर दिया है कि मंदिर के भीतर मोबाइल से रील बनाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, प्रवेश के लिए पंजीकरण (Registration) और पहचान पत्र की जांच को अनिवार्य कर दिया गया है।
गंगोत्री और यमुनोत्री में भी करीब 58-58 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। लेकिन यहां मौसम सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। गंगोत्री में तापमान -7°C तक गिर गया है। लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश के बीच यात्रा करना जोखिम भरा होता जा रहा है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तरकाशी प्रशासन ने 'गेटवे सिस्टम' लागू किया है। वहीं, ITBP के जवान धामों की सफाई और सुरक्षा में दिन-रात जुटे हैं। यमुनोत्री मार्ग पर प्लास्टिक के इस्तेमाल पर भारी चालान और घोड़ों के लिए रोटेशन सिस्टम भी लागू कर दिया गया है।
अगर आप भी चारधाम की यात्रा पर निकल रहे हैं, तो याद रखें- पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच और मौसम की पूरी जानकारी ही आपकी यात्रा को सुरक्षित बनाएगी। 

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