खबर का असर : भाऊराव देवरस अस्पताल के डॉक्टरों को जनगणना ड्यूटी से राहत
लखनऊ, अमृत विचार : महानगर स्थित भाऊराव देवरस (बीआरडी) अस्पताल के चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी से फिलहाल राहत मिल गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी केवल उनका प्रशिक्षण कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर ही अस्पताल प्रशासन की सहूलियत के अनुसार उनकी ड्यूटी लगाई जाएगी। अमृत विचार ने बुधवार के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
बुधवार को प्रशासन की ओर से अस्पताल प्रशासन को इस संबंध में आश्वासन दिया गया। 100 से अधिक बेड क्षमता वाले इस अस्पताल में प्रतिदिन 1100 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की जनगणना ड्यूटी लगाए जाने से स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।
ड्यूटी निर्धारण में लापरवाही का आलम यह था कि अस्पताल के सीएमएस, एमएस, लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट, फार्मासिस्ट, ईएमओ, इमरजेंसी वार्ड ब्वॉय और नर्सिंग स्टाफ तक को प्रशिक्षण के लिए सूचीबद्ध कर लिया गया था। इन सभी को 28 अप्रैल से प्रशिक्षण में भेजने के निर्देश भी जारी कर दिए गए थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को पत्र भेजकर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की थी। इसके बाद बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक हुई, जिसमें अस्पताल की सेवाओं को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. रंजीत दीक्षित ने बताया कि प्रशासन ने निर्देश दिया है कि कर्मचारियों का प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से कराया जाए और सभी को रिजर्व में रखा जाए। जरूरत पड़ने पर ही अस्पताल की सुविधानुसार उनकी ड्यूटी लगाई जाएगी, जिससे मरीजों के इलाज पर कोई असर न पड़े।
