ईरान युद्ध का असर: माल फंसा तो खौलने लगा रिफाइंड, सरसों को तेल भी गर्म हुआ

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Published By Anjali Singh
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नीरज मिश्र/लखनऊ, अमृत विचार : ईरान, इजराइल युद्ध का असर खाद्य तेल पर दिखने लगा है। बाहर से आने वाले रिफाइंड ऑयल की आपूर्ति दूसरे देशों में फंस जाने से बाजार में रिफाइंड ऑयल की आमद कम हो गई है। इससे रिफाइंड ऑयल में निरंतर तेजी बनी हुई है। हफ्तेभर पहले 750 मिली. का जो रिफाइंड पैकेट 130 रुपये तक बिक रहा था अब उसकी कीमत बढ़कर 150 रुपये हो गई है।

करीब 20 रुपये प्रति पाउच की बढ़ोत्तरी महज एक सप्ताह के भीतर हुई है। खपत बढ़ने से सरसों के तेल के भाव में भी 10 से 15 रुपये लीटर की तेजी आई है। थोक भाव में आई इस तेजी से फुटकर बाजार में भी खाद्य तेलों में बड़ा अंतर दिख रहा है।

बाहर से आने वाला माल फंसा हुआ है। आपूर्ति सामान्य नहीं है। इससे रिफाइंड ऑयल गर्म है। भाव तेजी से चढ़ रहा है। बाहर से आने वाले इस खाद्य तेल की कीमतों में महज हफ्ते-दस दिन के भीतर 20 रुपये की तेजी आई है। वहीं खपत बढ़ने पर सरसों का तेल भी महंगा हुआ है।-संजय सिंघल, कारोबारी सुभाष मार्ग सिटी स्टेशन

विदेशों से रिफाइंड आता है। ईरान युद्ध की वजह से माल की आपूर्ति समय से नहीं है। खपत ज्यादा और माल कम होने से इसकी कीमतों में तेज उछाल है। दरें लगातार बढ़ रही हैं। रिफाइंड कम होने से देशी तेल सरसों की कीमतें भी चढ़ रही हैं। 15 रुपये लीटर सरसों के तेल के पाउच में वृद्धि हुई है।-अजय अग्रवाल, थोक कारोबारी, डालीगंज

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खाद्य तेल हफ्तेभर पहले आज का भाव (रुपये में)
रिफाइंड ऑयल (750 एमएल) 130 150
रिफाइंड ऑयल (एक लीटर) 165 185
सरसों का तेल (एक लीटर) 160 175
थोक भाव-

रिफाइंड ऑयल- 2880 रुपये (16 पाउच की पेटी)

सरसों का तेल- 1700 रुपये (10 पाउच की पेटी)

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