बदहाली की इंतहा : गोंडा में शाहजोत गौशाला बनी बेजुबानों की ‘कब्रगाह’, भूख-प्यास और गर्मी से तड़प रहे गोवंश

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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गोंडा। सरकार जहां बेसहारा गोवंशों के संरक्षण और देखभाल के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा कर रही है, वहीं कटरा बाजार ब्लॉक की ग्राम पंचायत शाहजोत स्थित गौशाला में इन दावों की हकीकत बेहद भयावह नजर आ रही है। यहां की बदहाल व्यवस्था देखकर किसी की भी रूह कांप उठे। 

गौशाला अब संरक्षण केंद्र कम और बेजुबान गोवंशों की ‘कब्रगाह’ ज्यादा दिखाई दे रही है। ग्रामीणों के अनुसार गौशाला में चारा, पानी और छांव की समुचित व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी में पशु भूख-प्यास से तड़प रहे हैं। कई गोवंश इतने कमजोर हो चुके हैं कि वे ठीक से खड़े तक नहीं हो पा रहे हैं। बीमार पशुओं को खुले में छोड़ दिया गया है। 

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एक गौवंश की आंख पक्षियों द्वारा नोच लेने की बात भी सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गौशाला परिसर में हरा चारा मौजूद होने के बावजूद उसे पशुओं को नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधान प्रतिनिधि हरा चारा अपने घर ले जाते हैं, जबकि गौशाला में सिर्फ सूखा भूसा डालकर खानापूर्ति की जा रही है। 

अधिकारियों की लापरवाही और बेरुखी के कारण बेजुबान जानवर तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर हैं। इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी राममूर्ति वर्मा ने बताया कि गौ आश्रय केंद्र में तीन से चार गोवंश लंबे समय से बीमार हैं, जिनका इलाज पशु चिकित्सकों द्वारा कराया जा रहा है। 

वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिव प्रकाश मौर्य ने कहा कि गौ आश्रय केंद्र का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है तथा बीमार पशुओं का उपचार जारी है, लेकिन उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा ने बताया कि वीडियो और फोटो देखकर लगता है कि गोशाला में बदइंतज़ामी है। शीघ्र ही जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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