Prayagraj News: मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़े, सड़कें बनीं तालाब; बाजारों में घुसा पानी, किसानों के चेहरे खिले
प्रयागराज । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार देर शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शहर और ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदल दी। कुछ ही घंटों की तेज बारिश के बाद शहर की प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं और कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश का सबसे ज्यादा असर बाजार क्षेत्रों में देखने को मिला। फूलपुर समेत कई स्थानों पर पानी सड़कों से होते हुए दुकानों के अंदर तक पहुंच गया। व्यापारियों को आनन-फानन में अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना पड़ा। कई दुकानों में पानी घुसने से नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बाजार पहुंचे लोगों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जबकि दोपहिया और चार पहिया वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई।
शहर में जलभराव से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान हर साल जलभराव की समस्या सामने आती है। नालियों की नियमित सफाई न होने और बेहतर जल निकासी व्यवस्था के अभाव में बारिश का पानी सड़कों और बाजारों में जमा हो जाता है। लोगों ने नगर पंचायत और प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने, नालियों की सफाई और प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
फसलों के लिए राहत बनी बारिश
जहां शहर में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं, वहीं ग्रामीण इलाकों में यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई। फूलपुर क्षेत्र के कई गांवों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। खेतों में पानी भरने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। धान की रोपाई कर चुके किसानों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बारिश की कमी के कारण खेतों में नमी घट रही थी, लेकिन अब हुई बारिश से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी मिल गया है। किसानों ने इस बारिश को फसलों के लिए बेहद लाभकारी बताया है।
जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। समय पर नालियों की सफाई और उचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल आम लोगों और व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले स्थायी इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में तेज बारिश के दौरान शहर और बाजार क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति न बने।
