Ram Mandir News : 'श्रद्धालुओं को कोई शिकायत नहीं, रामलला के दर्शन से सभी संतुष्ट', जानिए सीईओ की नियुक्ति पर क्या बोले नृपेंद्र मिश्रा?
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर की व्यवस्थाओं से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने राम मंदिर के प्रस्तावित सीईओ और ट्रस्ट की बैठक को लेकर भी अपनी बात रखी।
अयोध्या। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर की व्यवस्थाओं या दर्शन को लेकर कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भगवान राम के प्रति आस्था पहले की तरह अटूट है और मंदिर में दर्शन कर वे संतुष्टि का अनुभव कर रहे हैं।
'श्रद्धालु सिर्फ भगवान के दर्शन से खुश हैं'
रविवार को अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि यदि अंगद टीला और सुग्रीव किला के आसपास श्रद्धालुओं से बात की जाए तो उनकी ओर से किसी तरह की नाराजगी सामने नहीं आती।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का एक ही जवाब होता है कि "भगवान राम के मंदिर में दर्शन करने से बड़ा सुख और क्या हो सकता है।" उनके मुताबिक, मंदिर की व्यवस्थाओं और पूजा-पाठ को लेकर भक्तों में कोई असंतोष नहीं है।
सीईओ की नियुक्ति पर क्या बोले मिश्रा?
राम मंदिर में प्रस्तावित मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर पूछे गए सवाल पर नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि सीईओ की जिम्मेदारी ट्रस्ट के अधीन प्रबंधन से जुड़े कार्यों को देखना होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीईओ को कितने अधिकार दिए जाएंगे, यह पूरी तरह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तय करेगा। सीईओ अपने अधीन कर्मचारियों के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था संभालेंगे, लेकिन सभी निर्णय ट्रस्ट के अधीन रहेंगे।
'भर्ती प्रक्रिया से मेरा कोई संबंध नहीं'
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि वह राम मंदिर के सीईओ की भर्ती प्रक्रिया के लिए होने वाली बैठकों में कभी शामिल नहीं हुए और न ही इस प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका है। उन्होंने यह भी बताया कि 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में वह मौजूद नहीं थे, इसलिए उस बैठक में लिए गए किसी भी निर्णय पर वह टिप्पणी नहीं कर सकते।
22 जुलाई की बैठक में शामिल होने पर संशय
22 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी उन्हें बैठक का एजेंडा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यदि बैठक का विषय मंदिर निर्माण से जुड़ा होगा तो वह उसमें शामिल होंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ट्रस्ट के पदेन सदस्य हैं और उन्हें मतदान का अधिकार नहीं है। इसलिए एजेंडा देखने के बाद ही बैठक में शामिल होने का फैसला करेंगे। बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इस सवाल पर मिश्रा ने कहा कि इसका जवाब ट्रस्ट के महासचिव ही बेहतर तरीके से दे सकते हैं।
