Bahraich News : प्रज्ञा गीतों से गूंजा जनजागरण, 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की तैयारियों को लेकर बैठक सम्पन्न
बहराइच के जरवलरोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ में 23 से 27 जनवरी 2027 तक होने वाले 108 कुण्डीय विराट गायत्री महायज्ञ एवं श्रीमद् प्रज्ञा पुराण कथा की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित हुई। कार्यकर्ताओं ने आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
जरवलरोड/बहराइच, अमृत विचार। गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के तत्वावधान में आगामी 23 से 27 जनवरी 2027 तक आयोजित होने वाले 108 कुण्डीय विराट गायत्री महायज्ञ एवं श्रीमद् प्रज्ञा पुराण कथा की तैयारियों को लेकर रविवार को गायत्री शक्तिपीठ, श्रीरामपुर (जरवलरोड) में एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में प्रज्ञा गीतों के माध्यम से जनजागरण का संदेश दिया गया। बैठक की शुरुआत प्रेरणादायी प्रज्ञा गीत "जागेगा इंसान, जमाना देखेगा" के सामूहिक गायन से हुई, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा। वक्ताओं ने कहा कि गायत्री महायज्ञ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में नैतिक चेतना, सद्भाव और संस्कारों के पुनर्जागरण का अभियान है।

मुख्य वक्ता एवं युवा प्रकोष्ठ संयोजक जय प्रकाश वर्मा ने महायज्ञ की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने और जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की।
दूर-दराज से पहुंचेंगे श्रद्धालु
कार्यक्रम आयोजक मान सिंह वर्मा तथा सूर्यकान्त त्रिपाठी ने आयोजन की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि महायज्ञ में दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से समन्वय बनाकर व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने का आग्रह किया।
ऐतिहासिक आयोजन का लिया संकल्प
बैठक में लाडली प्रसाद वर्मा, बृजेश मिश्रा, अवधेश सिंह, विवेक कुमार, आशीष कुमार, कृष्ण मुरारी अग्रवाल, ओम प्रकाश अवस्थी, अवधेश कुमार शुक्ला, प्रवीण श्रीवास्तव, प्रशांत कुमार अग्निहोत्री, ममता सिंह, चन्द्रावती विश्वकर्मा, गुड़िया वर्मा सहित सैकड़ों गायत्री परिजनों ने सहभागिता की और आगामी महायज्ञ को ऐतिहासिक एवं सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने समाज में नैतिकता, सदाचार और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प दोहराया।
