गोंडा: ROH डिपो में आधुनिक होंगे ब्रेकवान, ट्रेन मैनेजरों का सफर होगा आसान
लखनऊ, अमृत विचार : पूर्वोत्तर रेलवे के गोंडा स्थित आरओएच डिपो में ट्रेन मैनेजरों (गार्ड) की ड्यूटी को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक बनाने के लिए ब्रेकवान के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है।
महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे उदय बोरवणकर के मार्गदर्शन और मण्डल रेल प्रबंधक लखनऊ गौरव अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में यह नवीन पहल आरडीएसओ के मानकों के अनुरूप की जा रही है। जिसके फलस्वरूप लंबी दूरी की यात्राओं के दौरान ट्रेन मैनेजरों का कार्य वातावरण बेहतर बनेगा, जिससे वह शारीरिक थकान के बिना पूरी एकाग्रता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।
मण्डल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने कहा, “ट्रेन मैनेजर रेल परिचालन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सुरक्षा और सुविधा हमारी प्राथमिकता है। ब्रेकवान के आधुनिकीकरण से उनका कार्य स्थल और अधिक बेहतर बनेगा, जिससे उनकी कार्य दक्षता और परिचालन सुरक्षा में भी वृद्धि होगी।” यह नवीन पहल पूर्वोत्तर रेलवे की यात्री और परिचालन सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ट्रेन मैनेजरों को मिलेगी यह सुविधा
आर्म रेस्ट, हाइट एडजस्टमेंट और 360 डिग्री रोटेशन वाली विशेष कुर्सियां, वॉकी-टॉकी होल्डर, कोट हुक, वॉटर बॉटल स्टैंड, सुरक्षा के लिए दोनों तरफ 520 मिमी बड़े ग्रैब हैंडल और फुट रेस्ट, ब्रेकवान में कमोड, वॉशबेसिन की सुविधा।
क्या होता है ब्रेक वैन
मालगाड़ियों या कुछ विशेष ट्रेनों के बिल्कुल पीछे लगा वह डिब्बा होता है, जिसमें ट्रेन का गार्ड (ट्रेन मैनेजर) बैठता है। यह ट्रेन का एक मिनी कंट्रोल रूम होता है जहाँ से इमरजेंसी ब्रेक लगाने और ट्रेन की स्पीड नियंत्रित करने की व्यवस्था होती है।
